वॉशिंगटन: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अमेरिकी दौरे के दौरान राजधानी वॉशिंगटन डीसी में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रस्तावित मुलाकात से पहले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और फिलिस्तीन के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका की गाजा नीति में बदलाव की मांग करते हुए इजरायल को दिए जा रहे समर्थन का विरोध किया।
नेतन्याहू पर कार्रवाई की उठी मांग
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने फिलिस्तीन के झंडे और विभिन्न बैनर हाथों में लेकर रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि अमेरिकी प्रशासन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) द्वारा जारी वारंट के अनुरूप नेतन्याहू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही गाजा को लेकर अमेरिका की मौजूदा नीति की भी आलोचना की गई।
कड़ी सुरक्षा के बीच अमेरिका पहुंचे इजरायली प्रधानमंत्री
इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्षेत्रीय सुरक्षा हालात और ईरान से संभावित खतरे को देखते हुए नेतन्याहू का अमेरिका दौरा बेहद गोपनीय रखा गया। उनके रवाना होने का समय पहले से सार्वजनिक नहीं किया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच विशेष विमान से अमेरिका पहुंचे। उनके व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात का कार्यक्रम तय है।
सुरक्षा कारणों से बदली गईं व्यवस्थाएं
रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में सुरक्षा कारणों से इजरायल में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक भी सामान्य स्थान के बजाय सुरक्षित भूमिगत परिसर में आयोजित की गई। वहीं, इस बार इजरायली मीडिया के प्रतिनिधियों को भी प्रधानमंत्री के आधिकारिक विमान में यात्रा की अनुमति नहीं दी गई। इस संबंध में कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया।
ट्रंप से मुलाकात में ईरान रहेगा प्रमुख मुद्दा
अमेरिका रवाना होने के बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ होने वाली बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें ईरान सबसे प्रमुख विषय रहेगा। माना जा रहा है कि दोनों नेता पश्चिम एशिया की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और क्षेत्रीय तनाव पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अहम दौरा
इजरायल और ईरान के बीच बढ़े तनाव तथा हालिया घटनाक्रम के बीच नेतन्याहू का यह दौरा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे समय में वॉशिंगटन में हुए विरोध प्रदर्शन इस यात्रा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनी राजनीतिक संवेदनशीलता को भी उजागर करते हैं।
