मिशन 2027 की तैयारी तेज! यूपी में प्रभारी मंत्रियों का बड़ा फेरबदल, चुनावी रणनीति के संकेतों से गरमाई सियासत

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। इसी क्रम में योगी सरकार ने मंत्रियों के प्रभारी जिलों में बड़ा फेरबदल करते हुए नई जिम्मेदारियां तय कर दी हैं। सरकार की ओर से जारी सूची में कुल 60 मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव को प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ चुनावी तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

सरकार ने शीर्ष नेतृत्व को किसी जिले का प्रभार नहीं दिया है। उन्हें पूरे प्रदेश और सभी जिलों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि विकास योजनाओं और संगठनात्मक गतिविधियों पर व्यापक स्तर पर नजर रखी जा सके।

कई वरिष्ठ मंत्रियों को मिली नई जिम्मेदारी

नई व्यवस्था के तहत महिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य को इटावा और हाथरस का प्रभारी बनाया गया है। लक्ष्मी नारायण चौधरी को अलीगढ़ और फिरोजाबाद, जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद, धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और रामपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं नंद गोपाल गुप्ता “नंदी” को मिर्जापुर और चित्रकूट जैसे महत्वपूर्ण जिलों का प्रभार सौंपा गया है। अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर, जबकि राकेश सचान को रायबरेली और कन्नौज की जिम्मेदारी मिली है।

नवनियुक्त मंत्रियों को भी मिला अहम दायित्व

फेरबदल में हाल ही में मंत्रिमंडल में शामिल नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा को जौनपुर और भदोही का प्रभारी बनाया गया है। योगेंद्र उपाध्याय को कानपुर नगर, आशीष पटेल को गोंडा, संजय निषाद को कानपुर देहात और ओम प्रकाश राजभर को अंबेडकरनगर का प्रभार सौंपा गया है।

दारा सिंह चौहान को कुशीनगर और श्रावस्ती की दोहरी जिम्मेदारी मिली है। वहीं भूपेंद्र चौधरी को आगरा और कासगंज, जबकि मनोज पांडेय को सीतापुर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया है।

राज्यमंत्रियों को भी मिले रणनीतिक जिले

राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) को भी कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। नितिन अग्रवाल को लखीमपुर खीरी, कपिल देव अग्रवाल को बिजनौर, रविंद्र जायसवाल को गाजीपुर और संदीप सिंह को मथुरा का प्रभार सौंपा गया है।

इसके अलावा गुलाब देवी को अमरोहा, गिरीश चंद्र यादव को सुल्तानपुर और धर्मवीर प्रजापति को मैनपुरी की जिम्मेदारी मिली है। असीम अरुण को हरदोई और मेरठ, जेपीएस राठौर को संभल और बरेली, जबकि दयाशंकर सिंह को देवरिया और मऊ का प्रभारी बनाया गया है।

नरेंद्र कुमार कश्यप को शाहजहांपुर, दिनेश प्रताप सिंह को बांदा और बहराइच, अरुण कुमार सक्सेना को बदायूं तथा दयाशंकर मिश्र “दयालु” को बलिया और महराजगंज की जिम्मेदारी दी गई है। अजीत सिंह पाल को फतेहपुर और सोमेंद्र तोमर को मुजफ्फरनगर का प्रभार सौंपा गया है।

फेरबदल के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे

मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में किए गए इस व्यापक बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। कई राजनीतिक विश्लेषक इसे विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि सरकार की ओर से इसे प्रशासनिक दक्षता और विकास कार्यों की बेहतर निगरानी के उद्देश्य से किया गया कदम बताया जा रहा है।

प्रभारी मंत्रियों की नई नियुक्तियों के जरिए सरकार अब जिलों में योजनाओं की प्रगति, जनसंपर्क और प्रशासनिक समन्वय को और प्रभावी बनाने की कोशिश करेगी।

 

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