लखनऊ के ऐशबाग स्टेशन को मिली नई पहचान, पीएम मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत किया वर्चुअल लोकार्पण

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में पुनर्विकसित 75 रेलवे स्टेशनों और अन्य रेल परियोजनाओं का शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित ऐशबाग जंक्शन रेलवे स्टेशन का भी वर्चुअल लोकार्पण किया गया। स्टेशन के आधुनिकीकरण के बाद यात्रियों को कई नई और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

लोकार्पण कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

ऐशबाग जंक्शन पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद संजय सेठ, एमएलसी लालजी प्रसाद निर्मल और मुकेश शर्मा, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा बिष्ट यादव, भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, केंद्रीय रक्षा मंत्री के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिवेदी, लखनऊ मंडल के डीआरएम गौरव अग्रवाल सहित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से किया गया सुसज्जित

कार्यक्रम के दौरान डीआरएम ने बताया कि ऐशबाग जंक्शन के व्यापक उन्नयन का कार्य पूरा कर लिया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन को आधुनिक, सुरक्षित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाया गया है। उनका कहना था कि इस परियोजना से प्रतिदिन आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्टेशन पर विकसित सुविधाओं की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जींद और सोनीपत के बीच प्रस्तावित देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की विशेषताओं की भी जानकारी दी गई। साथ ही निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। स्काउट एवं गाइड के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।

24.13 करोड़ रुपये से हुआ स्टेशन का कायाकल्प

रेलवे के अनुसार, ऐशबाग जंक्शन के पुनर्विकास पर 24.13 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। परियोजना के तहत स्टेशन परिसर का विस्तार और सौंदर्यीकरण किया गया है। यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ उच्च स्तरीय पार्किंग सुविधा विकसित की गई है।

स्टेशन पर आधुनिक फर्श, उन्नत शौचालय, लगभग 5,500 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र, 4,300 वर्गमीटर का सर्कुलेटिंग एरिया, हरित पार्क और एलईडी साइनेज जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। दोनों प्रवेश द्वारों पर ‘काऊ कैचर’ की व्यवस्था भी की गई है।

हर प्लेटफॉर्म तक पहुंचेगी लिफ्ट और एस्केलेटर सुविधा

वर्तमान में स्टेशन पर एक फुट ओवरब्रिज तथा प्लेटफॉर्म संख्या 1 और 6 पर लिफ्ट संचालित हैं। रेलवे के अनुसार, सितंबर से 6 मीटर चौड़े नए फुट ओवरब्रिज का निर्माण शुरू किया जाएगा, जिसे 31 अगस्त 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर लिफ्ट और दोनों छोरों पर एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है।

 

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