झांसी (देवेश प्रताप सिंह राठौर): उत्तर प्रदेश शासन और जिलाधिकारी झांसी के निर्देश पर “मिशन सेफ फ्यूचर” के तहत जिले में स्कूली वाहनों के खिलाफ व्यापक जांच और प्रवर्तन अभियान चलाया गया। परिवहन विभाग की विशेष टीम ने 161 विद्यालयों में संचालित 514 स्कूली वाहनों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन और निरीक्षण किया। जांच के दौरान फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
48 वाहनों की आयु सीमा पूरी, पंजीयन निलंबित
निरीक्षण के दौरान 48 स्कूली वाहनों की मॉडल कंडीशन और निर्धारित आयु सीमा पूरी हो चुकी थी। इनमें से अधिकांश वाहनों को स्कूल प्रबंधन द्वारा पहले ही स्क्रैप कराया जा चुका था या वे संचालन में नहीं थे। विद्यालय प्रबंधन की ओर से इन वाहनों के पंजीयन निलंबन या निरस्तीकरण के लिए आवेदन दिए गए थे। इसके आधार पर कार्यालय स्तर से सभी 48 वाहनों का पंजीयन निलंबित कर दिया गया।
फिटनेस और परमिट में कमी पर नोटिस, 13 वाहन थानों में निरुद्ध
जांच में 22 ऐसे वाहन भी मिले, जिनकी फिटनेस या परमिट की वैधता समाप्त हो चुकी थी और वे निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर रहे थे। संबंधित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधन को एक सप्ताह का समय देते हुए फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों को पूरा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए।
निर्धारित समय के बाद दोबारा भौतिक सत्यापन और सघन प्रवर्तन कार्रवाई की गई। इस दौरान 13 वाहनों को विभिन्न थानों में निरुद्ध किया गया। वहीं तीन वाहनों को विद्यालय प्रबंधन ने स्क्रैप कराकर उनका पंजीयन निरस्त करा दिया। तीन अन्य वाहनों के निर्धारित मानक पूरे कराकर वैध फिटनेस और परमिट प्राप्त कर लिए गए।
दो विद्यालयों ने लिखित रूप से बताया कि उनके वाहन प्रदेश से बाहर खड़े हैं और संचालन की स्थिति में नहीं हैं। इन वाहनों के पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। वहीं एक वाहन मरम्मत के लिए वर्कशॉप या गैराज में खड़ा पाया गया।
नाबालिगों के दोपहिया वाहन से स्कूल आने पर रोक
परिवहन विभाग ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रबंधकों से स्पष्ट कहा है कि 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को किसी भी स्थिति में निजी दोपहिया वाहन से विद्यालय आने की अनुमति न दी जाए। यदि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका विद्यार्थी निजी दोपहिया वाहन से स्कूल आता है तो उसके लिए हेलमेट का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए।
निजी वाहनों पर भी कार्रवाई, 57 वाहन निरुद्ध
प्रवर्तन अभियान के दौरान छात्र-छात्राओं के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे निजी वाहनों, ईको और मारुति वैन समेत अन्य वाहनों की भी जांच की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 57 वाहनों को थानों में निरुद्ध किया गया, जबकि 78 वाहनों के चालान किए गए।
निरुद्ध वाहनों को निर्धारित मानक पूरे करने और वैध परमिट प्राप्त करने के बाद ही अवमुक्त करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। अब तक 18 वाहनों ने निर्धारित मानक पूरे कर वैध परमिट प्राप्त कर लिए हैं।
मानक पूरे किए बिना वाहन चलाया तो स्कूल प्रशासन पर भी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने सभी विद्यालयों से अपील की है कि स्कूली वाहनों के निर्धारित मानकों के साथ परमिट, फिटनेस और अन्य जरूरी दस्तावेज अनिवार्य रूप से पूरे कराए जाएं। बिना वैध परमिट, फिटनेस और निर्धारित सुरक्षा मानकों के किसी भी स्कूली वाहन का संचालन नहीं किया जाए।
भविष्य में ऐसे वाहन संचालित पाए जाने पर केंद्रीय मोटरयान अधिनियम और नियमों के तहत वाहन को निरुद्ध करने तथा चालान की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित विद्यालय प्रशासन को भी जिम्मेदार मानते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालय की मान्यता आदि के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई के लिए भी अनुरोध किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
