ग्लासगो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए जूडो से एक और ऐतिहासिक उपलब्धि आई है। दिल्ली के हर्ष सिंह ने पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज जोशुआ को 10-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं।
फाइनल में एकतरफा जीत, ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को नहीं दिया कोई मौका
खिताबी मुकाबले में हर्ष सिंह ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने वाजा-अरी दांव के दम पर ऑस्ट्रेलिया के कैट्ज जोशुआ को 10-0 से मात देते हुए मुकाबला अपने नाम किया। शानदार प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत को जूडो का दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया और इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
अस्मिता डे के बाद हर्ष सिंह ने भी रचा इतिहास
इससे पहले महिला 48 किलोग्राम वर्ग में अस्मिता डे ने कनाडा की हैदी क्वाश को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। निर्धारित समय तक मुकाबला बराबरी पर रहने के बाद गोल्डन स्कोर में अस्मिता ने निर्णायक अंक हासिल कर जीत दर्ज की थी। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
अब हर्ष सिंह की जीत के साथ भारत ने जूडो में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में पहली बार स्वर्ण पदक हासिल कर नया इतिहास रच दिया है।
सालों बाद खत्म हुआ जूडो में गोल्ड का इंतजार
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय जूडो खिलाड़ियों ने पहले कई बार फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन स्वर्ण पदक नहीं जीत सके थे। भारत के खाते में इससे पहले जूडो में 5 रजत और 6 कांस्य पदक थे, लेकिन गोल्ड का इंतजार लगातार बना हुआ था।
अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह लंबा इंतजार खत्म कर दिया और पहली बार भारत को जूडो में स्वर्ण पदक दिलाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
भारत के खाते में आया पांचवां स्वर्ण पदक
हर्ष सिंह की इस जीत के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या पांच हो गई। भारत के कुल पदकों की संख्या 19 पहुंच गई है, जिसमें 5 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रदर्शन के दम पर भारत पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है और उसने न्यूजीलैंड को पीछे छोड़ दिया है।
