नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे राष्ट्रगीत के दौरान आपस में कुछ बातचीत और इशारे करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस पर ‘वंदे मातरम्’ के अपमान के आरोप लगाए गए। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस ने सफाई देते हुए कहा कि सोनिया गांधी के इशारे का राष्ट्रगीत से कोई संबंध नहीं था।
कांग्रेस ने कहा कि उस समय कार्यक्रम के पीछे कुछ हलचल चल रही थी। सोनिया गांधी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही थीं कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के लिए कुर्सी की व्यवस्था हो जाए। पार्टी के मुताबिक खरगे बुजुर्ग हैं और काफी देर से खड़े थे, इसलिए सोनिया गांधी बैठने की व्यवस्था को लेकर बात कर रही थीं।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि उसी दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन शुरू हुआ। पार्टी के मुताबिक सोनिया गांधी खुद भी राष्ट्रगीत गा रही थीं और उनका इशारा केवल कार्यक्रम की व्यवस्था को लेकर था। कांग्रेस ने इस घटना को ‘वंदे मातरम्’ के अपमान से जोड़ने को गलत बताया।
खरगे की तबीयत का भी कांग्रेस ने दिया हवाला
कांग्रेस ने सफाई में मल्लिकार्जुन खरगे की तबीयत का भी जिक्र किया। पार्टी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के साथ विरोध प्रदर्शन के दौरान भी खरगे की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें प्रदर्शन के बीच से ही ले जाना पड़ा था।
कांग्रेस का कहना है कि इसी वजह से स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान भी सोनिया गांधी यह सुनिश्चित कर रही थीं कि खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था हो जाए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत के दौरान दिखाई दे रहे उनके इशारे का ‘वंदे मातरम्’ से कोई संबंध नहीं था।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के बाद ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाया गया। इसी दौरान सामने आए वीडियो में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे हाथ से कुछ इशारे करते और आपस में बातचीत करते दिखाई दिए।
वीडियो सामने आने के बाद इस पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। आलोचकों ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत के दौरान कांग्रेस नेताओं का रवैया उचित नहीं था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने भी कांग्रेस पर निशाना साधना शुरू कर दिया।
गुजरात भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
गुजरात भाजपा ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि कांग्रेस ने एक बार फिर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान किया है और अपनी मानसिकता को उजागर किया है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक की राजनीति के लिए ‘वंदे मातरम्’ का अपमान किया। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस से जवाब मांगा।
भाजपा प्रवक्ता ने सोनिया गांधी पर लगाए गंभीर आरोप
भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सोनिया गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘वंदे मातरम्’ के दौरान सोनिया गांधी ने आपत्ति जताई और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से पूछा कि इसे क्यों बजाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं है, बल्कि यह भारत के स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्र चेतना और देशभक्ति का ऐतिहासिक प्रतीक है। उन्होंने इस कथित रवैये को कांग्रेस की आपातकाल वाली मानसिकता से जोड़ते हुए सवाल उठाए।
आरपी सिंह ने भी कांग्रेस पर उठाए सवाल
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी सोशल मीडिया के जरिए सोनिया गांधी को निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि सोनिया गांधी को ‘वंदे मातरम्’ से इतनी नफरत क्यों है।
आरपी सिंह ने दावा किया कि राष्ट्रगीत के गायन के दौरान सोनिया गांधी कथित तौर पर नाराज हुईं और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इसे रोकने के लिए कहा। हालांकि, कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सोनिया गांधी का इशारा केवल मल्लिकार्जुन खरगे के लिए बैठने की व्यवस्था को लेकर था।
