नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन मंगलवार को एक बार फिर शुरू हो गया। सोमवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने प्रदर्शन स्थल खाली करा दिया था, लेकिन देर रात से प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पर जुटने लगे। हालात को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने संसद भवन की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। पुलिस का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, लेकिन कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार से बातचीत पर CJP नेताओं का बदला रुख
इस बीच CJP के नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। पार्टी के प्रवक्ता ने दावा किया कि सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया है। हालांकि, देर रात प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने कहा कि अब सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिसे भी बातचीत करनी है, वह जंतर-मंतर आकर करे।
संसद की ओर जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा बढ़ी
प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर दोबारा मंच तैयार कर लिया है। वहीं पुलिस ने संसद भवन की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। जंतर-मंतर तक आने-जाने के रास्ते खुले रखे गए हैं, लेकिन पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी एक बार फिर संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी संभावना को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। साथ ही विपक्ष के कई नेताओं के भी मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
हिंसा के मामले में कार्रवाई तेज, 70 लोग हिरासत में
सोमवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव, वाहनों में तोड़फोड़ और हिंसा के मामलों में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिसकर्मियों से मारपीट, पथराव और जवानों के घायल होने से जुड़े मामलों में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने अब तक 70 लोगों को हिरासत में लिया है। सोमवार को हुई हिंसा में एक आईपीएस अधिकारी समेत दिल्ली पुलिस के 10 अधिकारियों और 118 से अधिक पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवान घायल हुए थे। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल कर्मियों से मुलाकात भी की।
सोनम वांगचुक ने अनशन जारी रखने का किया ऐलान
दूसरी ओर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वह अपना अनशन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उन्हें अस्पताल में ही सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं दी जाती, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करेगी। साथ ही उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की शांति और संयम की सराहना करते हुए सरकार और पुलिस से अपील की कि छात्रों को संसद के सामने अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए।
