लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब प्रतापगढ़ के MLC अक्षय प्रताप सिंह समेत चार लोगों के खिलाफ राजधानी लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज की गई। यह कार्रवाई राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी की लिखित शिकायत के आधार पर हुई है। मामला करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़ी कथित हेराफेरी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोपों से जुड़ा है।
MLC अक्षय प्रताप सिंह समेत 4 लोग नामजद
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में MLC अक्षय प्रताप सिंह के अलावा अनिल कुमार सिंह, रामदेव यादव और रोहित कुमार सिंह को भी नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता भानवी कुमारी ने अपनी तहरीर में इन सभी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
5 करोड़ की संपत्ति हड़पने का आरोप
भानवी कुमारी की शिकायत के अनुसार, उनकी पार्टनरशिप फर्म की करीब 5 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची गई। आरोप है कि इसके लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए, हस्ताक्षरों की कथित हेराफेरी की गई और जाली कागजात बनवाए गए।
पुलिस अब इस पूरे मामले में दस्तावेजों और अन्य सबूतों की जांच कर रही है। शुरुआती स्तर पर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज किया गया है।
पुलिस जुटी सबूतों की जांच में
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही सभी संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, क्योंकि इसमें प्रतापगढ़ की राजनीति से जुड़े प्रभावशाली नाम शामिल हैं।
आरोपियों की ओर से अब तक कोई बयान नहीं
FIR दर्ज होने के बाद अब तक आरोपियों की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं पुलिस का कहना है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
