कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान शनिवार शाम बड़ा हादसा हो गया। सप्तमी के मौके पर चोरबागान सार्वजनिक पूजा पंडाल का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूत्रों के मुताबिक, हादसे में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 35 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल पूजा मंडप का प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया है।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये
कोलकाता में हुए इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
बारिश के दौरान धक्का-मुक्की से बिगड़े हालात
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम कोलकाता के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई थी। बारिश से बचने के लिए पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान हालात बिगड़ने और हादसा होने की बात सामने आई है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक चश्मदीद ने बताया कि घटनास्थल पर भारी भीड़ थी और कई लोग बेहोश हो गए थे। कुछ लोगों को मोटरसाइकिलों के जरिए अस्पताल पहुंचाया जा रहा था। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों को उचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकार ने जारी किया टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर
हादसे से जुड़ी जानकारी और सहायता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। प्रभावित लोगों और उनके परिजनों को जानकारी के लिए 18003455678 पर संपर्क करने को कहा गया है। वहीं, पूजा आयोजकों और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य जारी है।
कुणाल घोष बोले- लोगों की जान बचाना पहली प्राथमिकता
तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता कुणाल घोष ने चोरबागान पूजा पंडाल में हुई घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी घायलों को अस्पताल पहुंचाना और लोगों की जान बचाना है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने की अपील भी की।
कुणाल घोष के मुताबिक, पंडाल के भीतर अभी भी राहत और बचाव कार्य की जरूरत है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी प्रशासन के साथ सहयोग कर रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
