उन्नाव।बांगरमऊ रामलीला महोत्सव के छठे दिवस शुक्रवार रात राम-केवट संवाद, दशरथ मरण और भरत मिलाप की मार्मिक लीलाओं का मंचन किया गया। केवट की भक्ति और भरत के त्याग ने पंडाल में बैठे सैकड़ों दर्शकों को भावविभोर कर दिया। दशरथ मरण के दृश्य पर तो कई दर्शकों की आँखें नम हो गईं।
लीला का शुभारंभ समिति पदाधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलन और आरती के साथ किया। मंच पर दृश्य आता है – प्रभु राम, सीता और लक्ष्मण गंगा किनारे खड़े हैं और केवट से नदी पार कराने की विनती कर रहे हैं। केवट विनम्रता से मना कर देता है। कहता है – प्रभु, मेरे कमाई का साधन तो ये काठ की नाव ही है। आपके चरण छूते ही अहिल्या पत्थर से नारी बन गई, कहीं मेरी नाव भी मनुष्य न बन जाए तो मैं क्या करूंगा।
बार-बार विनय पर केवट कठौता में जल लाता है और प्रभु राम, सीता, लक्ष्मण के चरण धोकर उन्हें नाव पर बिठाकर गंगा पार कराता है। पार उतरने के बाद राम संकोच में हैं कि केवट को उतराई क्या दें। सीता जी अपनी मुद्रिका देती हैं, पर केवट हाथ जोड़कर कहता है – प्रभु, हम दोनों एक ही काम करते हैं, मैं यात्रियों को इस पार से उस पार करता हूँ, आप जीवों को भवसागर से पार कराते हो। मुझे तो बस अपने चरणों की भक्ति दे दीजिए, वही मेरी उतराई होगी।
दूसरे दृश्य में सुमंत अयोध्या लौटकर राजा दशरथ को बताते हैं कि वे राम को वन छोड़ आए हैं। यह सुनते ही दशरथ हाय राम, हाय राम कहते हुए विलाप कर प्राण त्याग देते हैं। इस दृश्य ने पूरे पंडाल को स्तब्ध कर दिया। यह खबर ननिहाल में भरत-शत्रुघ्न को मिलती है। दोनों अयोध्या लौटते हैं। सच्चाई जानकर भरत गुरुओं और माताओं के साथ राम को मनाने वन जाते हैं।
राम कहते हैं – रघुकुल रीति सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए। इसके बाद प्रभु अपनी खड़ाऊं भरत को सौंपते हुए कहते हैं कि आप अयोध्या लौटकर राजकाज संभालो, मैं पितृ वचन पूरा कर शीघ्र लौटूंगा। इसी मार्मिक संवाद के साथ छठे दिवस की लीला का समापन हुआ।
इनसेट
बांगरमऊ, उन्नाव।
नगर के इंदिरा गांधी राजकीय महाविद्यालय परिसर में दशहरा मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। 20 अक्टूबर को होने वाले ऐतिहासिक दशहरा मेला और रावण दहन के लिए कानपुर से आए कारीगर आकाश द्वारा 50 फुट ऊंचा आकर्षक रावण का पुतला तैयार किया जा रहा है।रावण के साथ-साथ मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले भी बनाए जा रहे हैं। कॉलेज मैदान में मंच सज्जा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समिति के सदस्य लगातार जुटे हैं।समिति अध्यक्ष आशीष सिंह गोलू ने बताया कि इस बार मेले में शिवाजी राम बारात, राम-रावण युद्ध सहित कई आकर्षक कार्यक्रमों का मंचन किया जाएगा। उन्होंने सभी नगर और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि 20 अक्टूबर को इंदिरा गांधी राजकीय डिग्री कॉलेज मैदान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर दशहरा पर्व को सफल बनाएं।
