रामपुर गढ़ौवा विद्यालय में बाल सुरक्षा पर संवाद, हाथों की छाप से दिया सुरक्षित बचपन का संदेश
उन्नाव। उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुर गढ़ौवा, औरास में बच्चों को पास्को (POCSO) अधिनियम एवं बाल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं के साथ संवाद के माध्यम से उन्हें सुरक्षित एवं असुरक्षित व्यवहार की पहचान, अपनी बात कहने के अधिकार तथा किसी भी अनुचित स्थिति में सहायता लेने के तरीकों की जानकारी दी गई।
शिक्षिका रमनजीत कौर और शिक्षक डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने बच्चों को समझाया कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का गलत या असहज व्यवहार होने पर बच्चे डरें या चुप न रहें, बल्कि अभिभावक, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छात्राओं द्वारा तैयार किया गया जागरूकता पोस्टर रहा। छात्राओं ने अपने हाथों की रंगीन छाप देकर गलत व्यवहार और बाल शोषण के खिलाफ सदैव आवाज उठाने एवं विरोध करने का संकल्प व्यक्त किया। हाथों की छाप से सजा पोस्टर बच्चों की सामूहिक जागरूकता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बना।
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापिका शशि देवी और शिक्षक इंद्रपाल सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संवादात्मक गतिविधि के माध्यम से बच्चों को भयभीत करने के बजाय उन्हें जागरूक, सजग और अपनी सुरक्षा के लिए आवाज उठाने में सक्षम बनाने पर जोर दिया गया।
