लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के बीच सोमवार को राजधानी में मौसम कुछ साफ रहा और दिन में धूप खिली। लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं, 1 अक्टूबर के बाद मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है।
इन जिलों में बारिश का अलर्ट
अगले 24 घंटे के दौरान रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, कुशीनगर, गोरखपुर और देवरिया में बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
प्रदेश में लगातार बारिश के बाद अब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश की संभावना बनी हुई है। 1 अक्टूबर के बाद मौसम के साफ रहने का अनुमान है।
मुजफ्फरनगर और मेरठ में दर्ज हुई बारिश
सोमवार को मुजफ्फरनगर में 9.0 मिलीमीटर और मेरठ में 5.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। मुरादाबाद में भी हल्की बारिश हुई। इन स्थानों के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में सोमवार को बारिश दर्ज नहीं की गई।
लगातार बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राज्य सरकार ने राहत और निगरानी का काम तेज किया है। नगर विकास और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर पानी निकालने और पानी उतरने के बाद तत्काल सफाई कराने को कहा गया है, ताकि संक्रमण और संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम किया जा सके।
कुशीनगर में नारायणी नदी का बढ़ा दबाव
कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी यानी बड़ी गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई। सेवरही क्षेत्र के जवहीं दयाल गांव की ततवा टोली के सामने रात करीब साढ़े 10 बजे नदी के तेज दबाव के कारण एपी तटबंध का करीब 20 फुट हिस्सा टूट गया। इसके बाद नदी का पानी तेजी से आसपास के गांवों में फैलने लगा।
तटबंध टूटने से गौरहा, सिसवा, बाघाचौर, बाकखास, चैनपट्टी, आवपुर और भगवानपुर समेत कई गांव प्रभावित हुए। करीब 20 हजार की आबादी के बाढ़ से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। सूचना मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।
कमजोर हिस्सों पर बचाव कार्य जारी
तटबंध के कमजोर हिस्सों पर बाढ़ खंड की टीम बचाव कार्य कर रही है। कोशिश है कि नदी का दबाव बढ़ने की स्थिति में और कटान को रोका जा सके। प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
तटबंध टूटने की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात गोरखपुर के मंडलायुक्त, एडीजी और कुशीनगर के जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू करने और प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए।
