नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से वडनगर तक आयोजित ‘सेवा संकल्प यात्रा’ में शामिल प्रतिभागियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और सेवा के अनुभव से मिलने वाले संतोष पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि सरकारी योजनाएं बनाना और उन पर धन खर्च करना ही सरकार का काम नहीं है, बल्कि असली संतोष तब मिलता है जब योजना का लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और उसके जीवन में बदलाव आए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी सरकारी योजना के जरिए जब किसी व्यक्ति की जिंदगी बदलती है और उसके जीवन में नई उम्मीद पैदा होती है, तो उससे मिलने वाला संतोष अलग होता है। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प यात्रा में शामिल लोगों के लिए यह एक तरह का प्रशिक्षण भी है, जिससे समझ आता है कि योजनाओं का उद्देश्य केवल धन खर्च करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में नई शुरुआत लाना है।
महात्मा गांधी के सामाजिक सुधार कार्यों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी के जीवन और उनके सामाजिक कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष और आजादी के आंदोलन के साथ सामाजिक सुधार के लिए भी व्यापक स्तर पर काम किया। उन्होंने समाज में मौजूद बुराइयों के खिलाफ लगातार आवाज उठाई और बदलाव की दिशा में प्रयास किए।
पीएम मोदी ने कहा कि समाज में निरंतर सुधार और सकारात्मक बदलाव के लिए काम करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेवा का दायरा केवल वोटबैंक की राजनीति तक सीमित नहीं होना चाहिए।
सेवा करने वालों के सम्मान की बताई जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग समाज की सेवा करते हैं, उनके योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रयागराज में सफाई का काम करने वाले लोगों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से कुंभ के दौरान स्वच्छता की चर्चा पूरी दुनिया में हुई और इससे भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी।
पीएम मोदी ने कहा कि उनके मन में उन लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करने की इच्छा हुई, जिन्होंने देश का मान बढ़ाया। इसी भावना के तहत उन्होंने उनके पैर धोकर उनका सम्मान किया और उनका आशीर्वाद लिया।
सेवा संकल्प यात्रा के अनुभवों को बताया अमूल्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के दौरान मिल रहे अनुभव वास्तव में अमूल्य हैं। उनके मुताबिक, इस तरह की यात्राएं इसमें शामिल लोगों की पूरी जीवन यात्रा में नई ऊर्जा भर सकती हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों के बीच जाकर उनसे जुड़ना और खुद को उनके वातावरण के अनुसार ढालना अपने आप में एक अद्भुत अनुभव है। अलग-अलग राज्यों के गांवों में जाने के दौरान भारत की भव्यता और विशालता को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के इन अनुभवों को केवल किताबों के जरिए पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। लोगों के बीच जाकर, उनके जीवन को करीब से देखकर और उनसे जुड़कर ही देश की विविधता और वास्तविकता को बेहतर ढंग से महसूस किया जा सकता है।
