लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह से लगातार दूसरे साल राहुल गांधी-खरगे नदारद, 2024 में सीट को लेकर हुआ था विवाद

नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर पर आयोजित समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे लगातार दूसरे साल शामिल नहीं हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में दोनों नेता आखिरी बार वर्ष 2024 में नजर आए थे। उस समय राहुल गांधी की बैठने की व्यवस्था को लेकर कांग्रेस और सरकार के बीच विवाद खड़ा हो गया था।

रक्षा मंत्रालय की ओर से राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा गया था। इसके बावजूद दोनों नेता कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। उनकी गैरमौजूदगी को दो साल पहले हुए सीटिंग विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

2024 में राहुल गांधी की सीट को लेकर क्यों हुआ था विवाद?

वर्ष 2024 में राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बने थे। उसी साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में उन्हें लाल किले पर पांचवीं पंक्ति में बैठाया गया था। कांग्रेस ने इस व्यवस्था पर कड़ी आपत्ति जताई थी।

कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया था कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पीछे की सीट पर बैठाकर उनके पद का अपमान किया गया है। हालांकि रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों पर सफाई देते हुए कहा था कि उस साल ओलंपिक खिलाड़ियों को विशेष सम्मान देने और उन्हें आगे बैठाने के कारण बैठने की व्यवस्था में बदलाव किया गया था।

विपक्ष के नेता की सीट कैसे तय होती है?

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में नेता प्रतिपक्ष के बैठने की जगह ‘टेबल ऑफ प्रेसिडेंस’ यानी ToP के नियमों के आधार पर निर्धारित की जाती है। राष्ट्रपति सचिवालय के नियमों के अनुसार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दर्जा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री के समकक्ष होता है। इसी रैंक के आधार पर समारोह में बैठने की व्यवस्था तय की जाती है।

लाल किले से पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बिना किसी का नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश की प्रगति को देख नहीं सकते और भारत का भला नहीं सोच सकते। ऐसे लोग लोगों को गुमराह करने में लगे हुए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास स्थिर सरकार, जीवंत लोकतंत्र और देश का मार्गदर्शन करने वाला संविधान है। उन्होंने कहा कि देश इन ताकतों के आधार पर संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो भारत की प्रगति को देखना नहीं चाहते।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग भारत का भला नहीं सोच सकते और देश को ऐसे लोगों से बचाने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे लोगों को निराशा में डूबे हुए तत्व बताते हुए कहा कि जब विकृति बढ़ती है तो वह विनाश और सर्वनाश का कारण बन सकती है।

पीएम मोदी ने राजनीति में नए युवाओं को लाने की बात कही

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में राजनीति में ऐसे युवाओं को लाने की इच्छा भी जताई, जिनके परिवार का राजनीति से कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि ऐसे एक लाख युवा राजनीति में आएं।

पीएम मोदी ने कहा कि ये युवा किसी भी राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं और राजनीति में उनके आने से देश का लोकतंत्र और मजबूत होगा।

 

Related posts