नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम् और तिरंगे के जिक्र से करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज हर दिल में वंदे मातरम् गूंज रहा है, हर घर में तिरंगा है और हर मन में तिरंगा बस गया है। प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश में 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है और अब सरकार 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ेगी।
दिसंबर 2025 तक हासिल हो चुका था 3 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य
ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका था। सरकार अब 3 करोड़ और महिलाओं को स्थायी और विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में काम करना चाहती है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आय में लगातार बढ़ोतरी सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री के नए लक्ष्य के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की 3 करोड़ और महिलाओं को ऐसी आजीविका गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा, जिससे उनकी आमदनी में निरंतर वृद्धि हो सके।
क्या है लखपति दीदी योजना?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 को अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में लखपति दीदी योजना की घोषणा की थी। यह योजना वर्ष 2024 में शुरू हुई। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक पारिवारिक आय को लगातार 1 लाख रुपये या उससे अधिक के स्तर तक पहुंचाना है।
इस योजना को ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत लागू किया गया है। इसके जरिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को अलग-अलग आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जाता है।
कौन होती हैं लखपति दीदी?
लखपति दीदी स्वयं सहायता समूह की ऐसी महिला सदस्य होती हैं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1,00,000 रुपये या उससे अधिक होती है। इस आय को कम से कम चार कृषि मौसम और अथवा व्यावसायिक चक्रों के दौरान बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इसके तहत औसत मासिक आय 10,000 रुपये से अधिक होनी चाहिए, ताकि आय की निरंतरता बनी रहे।
महिलाओं की आय बढ़ाने पर योजना का फोकस
लखपति कार्यक्रम के तहत महिलाओं की आजीविका को अलग-अलग गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाता है। इसमें सरकारी विभागों, मंत्रालयों, निजी क्षेत्र और बाजार से जुड़े प्रतिभागियों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाता है, ताकि महिलाओं को अपनी आय बढ़ाने के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।
इस रणनीति में योजनाबद्ध तरीके से सहायता, परिसंपत्तियों, वित्त, बाजार और प्रौद्योगिकी से जुड़ा पर्याप्त तथा समय पर सहयोग शामिल है। इसके साथ ही अलग-अलग स्तरों पर योजना के क्रियान्वयन और निगरानी की व्यवस्था भी की जाती है।
अब 6 करोड़ महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य
3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल होने के बाद अब केंद्र सरकार ने देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में इस लक्ष्य का ऐलान करते हुए महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया।
