लाल किले से PM मोदी के बड़े ऐलान: युवाओं को फ्री ऑनलाइन कोचिंग, 1 करोड़ को AI ट्रेनिंग; महिलाओं से लेकर डिफेंस और न्यूक्लियर एनर्जी पर क्या बोले?

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। करीब 75 मिनट के भाषण में पीएम मोदी ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, तकनीक, रक्षा उत्पादन, परमाणु ऊर्जा और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर कई अहम घोषणाएं और बातें कहीं। उन्होंने कहा कि अगले साल देशभर में एक मिशन के तहत 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था करने का भी ऐलान किया।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कोचिंग की बढ़ती प्रतिस्पर्धा मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन गई है। माता-पिता को लगता है कि यदि उनका बच्चा कोचिंग सेंटर नहीं जाएगा तो वह प्रतिस्पर्धा में पीछे रह जाएगा। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए युवाओं को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने का फैसला किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के पास डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा मौजूद है और बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली शिक्षक तथा शिक्षाविद भी हैं। इन संसाधनों को एक साथ जोड़कर युवाओं को मुफ्त कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी और इसके लिए एक पूरा नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इससे परिवारों पर कोचिंग का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने के साथ युवाओं को अपने परिवार के करीब रहकर तैयारी करने का अवसर मिलेगा।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग

प्रधानमंत्री ने तकनीक और नवाचार को विकसित भारत की यात्रा की प्रमुख ताकतों में शामिल करते हुए कहा कि सरकार एक साल में 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देगी। उन्होंने कहा कि देश रोबोटिक्स, एआई, क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष और डेटा सेंटर के दौर में प्रवेश कर चुका है। नई तकनीकें नई चुनौतियां भी ला रही हैं और भारत को नवाचार का वैश्विक केंद्र बनना होगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने यूपीआई और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के जरिए अपनी क्षमता पहले ही दुनिया के सामने साबित की है। अब अगली पीढ़ी की संचार तकनीक में भी बड़ा कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा का सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलेगा। पिछले दशक में इस दिशा में काफी प्रगति हुई है। स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप को मान्यता दी गई है। सरकार ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का कोष भी घोषित किया है। पीएम ने युवाओं से अपने सपने सरकार के सामने लाने की अपील करते हुए कहा कि संसाधनों की कमी उनके रास्ते में बाधा नहीं बनने दी जाएगी।

महिला आरक्षण पर राजनीतिक दलों से पीएम मोदी की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना समय की मांग है और सभी दलों को इसका समर्थन करना चाहिए।

लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से महिलाओं के सशक्तिकरण का नेतृत्व करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि माताओं और बहनों को जल्द से जल्द विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, ताकि वे देश की नीतियां बनाने में अपनी भूमिका निभा सकें।

प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से कहा कि महिला आरक्षण लागू करने का श्रेय वे ले सकते हैं और इसकी प्रशंसा भी प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन महिलाओं को उनका अधिकार जल्द दिया जाना चाहिए।

लखपति दीदी का लक्ष्य अब 6 करोड़

पीएम मोदी ने ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने तीन करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा था और यह लक्ष्य पार किया जा चुका है। अब सरकार छह करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है।

प्रधानमंत्री के मुताबिक तीन करोड़ नई लखपति दीदियों का निर्माण महिलाओं की ताकत से संचालित ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े बदलाव का संकेत होगा। लखपति दीदी से आशय ऐसी महिला से है जो कम से कम एक लाख रुपये सालाना कमाती है।

विकसित भारत के लिए सप्तधारा का आह्वान

80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से देश के विकास के लिए शक्ति की सप्तधारा का आह्वान किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग पावर, कृषि और फूड प्रोसेसिंग, तकनीक और नवाचार, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन इकोनॉमी और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर को शामिल किया गया।

पीएम मोदी ने इन क्षेत्रों को भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में इन पर तेजी से काम करने की जरूरत पर जोर दिया।

न्यूक्लियर एनर्जी में आत्मनिर्भरता पर बड़ा लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने का लक्ष्य भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि देश में पांच नए परमाणु रिएक्टर लगाए जाएंगे। परमाणु ऊर्जा में 2047 तक 100 गीगावाट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है और अगले 6-7 साल के भीतर पांच नए रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य है।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना होगा और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए देश की अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कच्चे तेल के लिए दूसरे देशों पर भारत की निर्भरता का जिक्र करते हुए कहा कि यह सोच की सीमाओं का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पहले भारत के करीब 99 प्रतिशत समुद्री क्षेत्रों को नो-गो एरिया घोषित कर दिया गया था, जहां समुद्र के नीचे खोज का काम नहीं किया जाता था। अब इन 99 प्रतिशत क्षेत्रों को खोलकर गो-अहेड एरिया में बदला गया है और समुद्र के नीचे सक्रिय रूप से खोज कर नए भंडार तलाशने की कोशिश की जा रही है।

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत को ग्लोबल हब बनाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को रक्षा उत्पादन का वैश्विक केंद्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने हाइपरसोनिक तकनीक और ड्रोन प्रणाली जैसी उन्नत क्षमताओं में आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में रक्षा उत्पादन चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सात गुना, रेलवे कोच उत्पादन 21 गुना और मोबाइल फोन उत्पादन 33 गुना बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल और नवाचार के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत की है।

नक्सलवाद अंतिम सांस ले रहा, ‘दिमागी नक्सलियों’ को पहचानने की अपील

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में माओवादी उग्रवाद अब अंतिम सांस ले रहा है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सलियों’ की पहचान करने और उन्हें अलग-थलग करने का भी आह्वान किया।

पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद और माओवाद ने लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया और अनगिनत माताओं से उनके जवान बेटे छीन लिए। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद ने चार दशकों तक देश के एक बड़े हिस्से और वहां की बड़ी आबादी को बंदूक के दम पर अपने प्रभाव में रखा, संविधान की धज्जियां उड़ाईं और आम नागरिकों की रक्षा करते हुए पुलिस तथा सुरक्षा बलों के 3500 से अधिक जवान शहीद हुए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वर्ष 2014 में देश ने उनकी सरकार को मौका दिया, उसी दिन नक्सलवाद से देश को मुक्त करने का संकल्प लिया गया था। उन्होंने कहा कि आज उन्हें खुशी है कि नक्सली-माओवादी हिंसा में अब अंतिम सांस लेने की भी ताकत नहीं बची है।

 

Related posts