BBAU का बड़ा संदेश: अफवाहों से रहें दूर, अनुशासन और शैक्षणिक माहौल से समझौता नहीं होगा; कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल की अपील

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ पर विद्यार्थियों और अभिभावकों से सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में अनुशासन, शैक्षणिक वातावरण, पारदर्शी प्रशासन और विधि के शासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है तथा किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता, हिंसा या विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी।

विद्यार्थियों के हित सर्वोच्च, हर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध विश्वविद्यालय

कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि बीबीएयू विद्यार्थियों के हितों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहा है। विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति योजनाएं, शोध को बढ़ावा, छात्रावास, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियां, परामर्श सेवाएं, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, लैंगिक संवेदनशीलता, शिकायत निवारण प्रणाली तथा सुरक्षित एवं समावेशी परिसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय के द्वार हमेशा खुले हैं और संवाद व लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, दबाव की राजनीति, हिंसा, तोड़फोड़ और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गतिविधियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया की भ्रामक जानकारियों से बचने की अपील

कुलपति ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं पर भरोसा न करें। किसी भी जानकारी के लिए केवल विश्वविद्यालय की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही प्रमाणिक माना जाए।

राष्ट्रीय स्तर पर लगातार मजबूत हुई विश्वविद्यालय की पहचान

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि बीबीएयू ने शिक्षा और शोध के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत की है। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की ओर से A++ ग्रेड प्राप्त है। इसके अलावा NIRF 2025 में विश्वविद्यालय श्रेणी में 37वां तथा ओवरऑल श्रेणी में 69वां स्थान हासिल किया है। वहीं IIRF 2026 की केंद्रीय विश्वविद्यालय रैंकिंग में बीबीएयू 19वें स्थान पर रहा है।

26 अप्रैल की घटना का भी किया उल्लेख

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि 26 अप्रैल 2026 की रात एक छात्रा की मृत्यु हुई थी। प्रशासन के अनुसार छात्रा मूल रूप से वाराणसी की रहने वाली थी और 20 अप्रैल को अपने परिजनों के साथ वाराणसी चली गई थी। छात्रावास के रिकॉर्ड के मुताबिक उसने 9 अप्रैल के बाद मेस में भोजन नहीं किया था।

प्रशासन ने कहा कि छात्रा के निधन के बाद 28 अप्रैल की रात कुछ विद्यार्थियों ने कुलपति आवास का घेराव किया और वहां तोड़फोड़ तथा विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुईं। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अनुशासन समिति का गठन किया गया।

जांच में फूड पॉइजनिंग के दावे की पुष्टि नहीं

विश्वविद्यालय के अनुसार अनुशासन समिति के समक्ष प्रस्तुत चिकित्सीय अभिलेखों और मेडिकल रिपोर्ट में छात्रा की मृत्यु का कारण निमोनिया और श्वास संबंधी समस्याएं बताया गया। प्रशासन का कहना है कि जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर छात्रा की मौत को छात्रावास के भोजन से हुई कथित फूड पॉइजनिंग से जोड़ते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित की, जबकि उपलब्ध चिकित्सीय साक्ष्यों से इसकी पुष्टि नहीं हुई।

सीसीटीवी और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर हुई जांच

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार अनुशासन समिति ने सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ, दस्तावेजी साक्ष्य, सुरक्षा कर्मियों के बयान और अन्य उपलब्ध प्रमाणों का विस्तृत परीक्षण किया। समिति ने संबंधित विद्यार्थियों को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया और सभी साक्ष्य दिखाकर उनका स्पष्टीकरण दर्ज किया। सभी पक्षों को सुनने के बाद समिति ने सर्वसम्मति से अपनी संस्तुतियां विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपीं।

30 विद्यार्थियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अनुशासन समिति की सिफारिशों और विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप 26 वर्तमान और 4 पूर्व विद्यार्थियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। संबंधित विद्यार्थियों पर आर्थिक दंड लगाया गया है, हालांकि कई विद्यार्थियों ने अभी तक जुर्माना जमा नहीं किया है। इसके अलावा नियमानुसार परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा कुछ विद्यार्थियों को एक सप्ताह और कुछ को उससे अधिक अवधि के लिए निलंबित किया गया है।

2025 की तोड़फोड़ की घटना का भी जिक्र

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में ऐसे विद्यार्थी भी शामिल हैं, जिनकी भूमिका 17 सितंबर 2025 को कुलपति कार्यालय में हुई तोड़फोड़ और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटना में भी सामने आई थी। विश्वविद्यालय ने दोहराया कि हिंसा, अव्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं के प्रति उसकी शून्य सहिष्णुता की नीति है।

आधिकारिक जानकारी पर ही करें भरोसा

विश्वविद्यालय प्रशासन ने अंत में सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की कि वे अफवाहों और अपुष्ट जानकारियों से बचें तथा केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। साथ ही विद्यार्थियों से अनुशासन, शैक्षणिक मर्यादा और आपसी सौहार्द बनाए रखते हुए विश्वविद्यालय की गरिमा बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया गया।

 

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