हर घर तिरंगा से चुनावी माहौल गरमाएगी बीजेपी! यूपी के हर जिले में चलेगा मेगा अभियान, शहीद परिवारों का होगा सम्मान

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने अगस्त में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक स्तर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाने की तैयारी कर ली है। 11 से 15 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के जरिए पार्टी देशभक्ति का संदेश देने के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों तक पहुंच बनाएगी। अभियान के दौरान बलिदानियों के परिवारों को सम्मानित किया जाएगा, तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

11 से 15 अगस्त तक चलेगा विशेष अभियान

पार्टी की योजना के अनुसार 11 से 15 अगस्त तक प्रदेशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कार्यकर्ता सैनिकों और शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान करेंगे। लोगों से अपने घरों पर तिरंगा फहराने और उसकी तस्वीर नमो एप, सरल पोर्टल तथा सोशल मीडिया पर साझा करने की भी अपील की जाएगी।

युवाओं और महिलाओं की रहेगी अहम भूमिका

भाजपा छात्रों से संपर्क कर उन्हें बड़ी संख्या में तिरंगा यात्राओं से जोड़ने का प्रयास करेगी। प्रत्येक मंडल में 10 से 12 अगस्त के बीच तिरंगा यात्राएं आयोजित की जाएंगी, जिनमें युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की प्रमुख भूमिका रहेगी। इसके अलावा 13 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों पर भी तिरंगा यात्राएं निकाली जाएंगी।

शहीद स्मारकों पर चलेगा स्वच्छता अभियान

अभियान के तहत 12 से 14 अगस्त तक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्मारकों, शहीद स्थलों और महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करना बताया गया है।

बैठकों के जरिए तैयार होगी रणनीति

प्रदेश अभियान समिति की जिम्मेदारी प्रदेश उपाध्यक्ष बृज बहादुर भारद्वाज को सौंपी गई है। उपाध्यक्ष नीरज सिंह, अर्चना मिश्रा, प्रदेश मंत्री अनिल यादव और रजनी पांडे को अभियान का सह-संयोजक बनाया गया है। एक अगस्त को प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी, जबकि 4 और 5 अगस्त को जिला योजना बैठक तथा 6 अगस्त को मंडल स्तर की बैठकें आयोजित कर अभियान की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

14 अगस्त को मनाया जाएगा विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

पार्टी 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी मनाएगी। इस अवसर पर सभी जिलों में मौन जुलूस निकाले जाएंगे और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रमों के दौरान स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माताओं के योगदान को याद करते हुए लोगों को देश की आजादी के इतिहास से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

 

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