गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा में कारोबारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन पर बड़ा एक्शन लिया गया है। इस मामले में कथित लापरवाही के आरोप में परसपुर के थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, जिले के दौरे पर पहुंचे मंत्री संजय निषाद भी पुलिस अधीक्षक अभिषेक पर नाराज होते दिखाई दिए, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
मंत्री ने मौके पर SP को लगाई फटकार
व्यापारी विनोद साहनी की हत्या के बाद मंत्री संजय निषाद गोंडा के सर्किट हाउस पहुंचे, जहां भारी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक अभिषेक से सवाल किया कि क्या वह सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं। विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर मंत्री संजय निषाद ने गोंडा में धरना भी दिया था।
SHO समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित
पुलिस अधीक्षक अभिषेक के अनुसार, परसपुर थाना प्रभारी उपनिरीक्षक कमला शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अंकित सिंह और सिपाही अभिमन्यु भारती को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी।
परसपुर थाने को मिला नया थाना प्रभारी
पुलिस विभाग ने कोंडरे थाना प्रभारी कृष्ण गोपाल राय को परसपुर थाने का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया है। वहीं, इस मामले में तीसरे आरोपी आकाश सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई कारोबारी विनोद कुमार साहनी की मौत के बाद की गई।
सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के बाद हुआ हमला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परसपुर क्षेत्र के रेक्सड़िया गांव निवासी विनोद कुमार साहनी शाहपुर बाजार में बर्तन की दुकान चलाते थे। बीते बुधवार शाम सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद कुछ लोगों ने उन पर कथित तौर पर हमला कर दिया।
चार बाइक पर आए 10 लोगों ने रास्ते में घेरा
पुलिस के मुताबिक, बुधवार शाम दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे विनोद कुमार साहनी को चार मोटरसाइकिलों पर सवार करीब 10 लोगों ने रास्ते में रोक लिया। इसके बाद उन पर हमला किया गया।
कई हथियारों से हमला, लखनऊ में इलाज के दौरान मौत
अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) राधेश्याम राय के अनुसार, हमलावरों ने विनोद कुमार साहनी पर कई हथियारों से हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए। घायल विनोद को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, फिर गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मरने से पहले तीन आरोपियों की पहचान की थी
गोंडा पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार साहनी ने मौत से पहले हमलावरों में शामिल तीन लोगों की पहचान की थी। उनकी शिकायत के आधार पर शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह समेत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ पहले हत्या के प्रयास से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में विनोद साहनी की मौत के बाद एफआईआर में हत्या की धारा भी जोड़ दी गई।
