लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में हालिया बारिश के बाद अब उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। बारिश का दौर फिलहाल थमने से तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि हवा में नमी बढ़ने से चिपचिपी गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक कई इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से 17 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं और कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा भी देखने को मिल सकती है।
17 जुलाई से फिर बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि 17 जुलाई के बाद पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश का दायरा बढ़ेगा। इसके चलते लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल बारिश की कमी के कारण तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है।
इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर और आजमगढ़ सहित पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।
बीते 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश
भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश मौसम केंद्रों पर बारिश बेहद कम दर्ज की गई। गाजियाबाद और मथुरा-वृंदावन में 0.5-0.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई।
वहीं, पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का असर अपेक्षाकृत अधिक रहा। गोरखपुर में 11.7 मिलीमीटर और वहां स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में 11 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
लखनऊ में सामान्य से ज्यादा रहा तापमान
राजधानी लखनऊ में बुधवार को अधिकतम तापमान 37.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 29.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा रहा। तापमान और नमी दोनों अधिक रहने के कारण पूरे दिन उमस का असर बना रहा।
प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस प्रयागराज में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस गोरखपुर में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने क्या कहा
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल उत्तर प्रदेश में मानसून की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं, जिसके चलते अधिकांश जिलों में बारिश में कमी आई है। हालांकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में छिटपुट वर्षा जारी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होते ही प्रदेश में मानसून दोबारा रफ्तार पकड़ सकता है, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश होने और उमस से राहत मिलने की संभावना है।
