लखनऊ: अटल बिहारी वाजपेई मेडिकल यूनिवर्सिटी (एबीवीएमयू) अब केवल मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को संबद्धता देने तक सीमित नहीं रहेगी। विश्वविद्यालय ने अपना मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में शुरुआती चरण में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ पढ़ाई शुरू करने की योजना है। इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
यह घोषणा बुधवार को आयोजित विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में कुलपति डॉ. अमित देवगन ने की। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा शिक्षा का बेहतर वातावरण मिलेगा और आम मरीजों को भी किफायती दरों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
100 एमबीबीएस सीटों से होगी शुरुआत
कुलपति डॉ. अमित देवगन ने बताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में पहले चरण में 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
उनके मुताबिक, मेडिकल कॉलेज शुरू होने से प्रदेश में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।
बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रम भी होंगे शुरू
विश्वविद्यालय की योजना मेडिकल कॉलेज के साथ बीएससी नर्सिंग और विभिन्न पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू करने की भी है। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल पेशेवर तैयार किए जा सकेंगे।
साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बीच व्यावहारिक प्रशिक्षण का अवसर भी मिलेगा, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता में बढ़ोतरी होगी।
बेहतर चिकित्सा शिक्षा और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के साथ आम लोगों को बेहतर और अपेक्षाकृत कम खर्च में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। मेडिकल कॉलेज स्थापित होने के बाद शिक्षा और उपचार दोनों क्षेत्रों में विश्वविद्यालय की भूमिका और मजबूत होगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ एबीवीएमयू को एक समग्र चिकित्सा शिक्षा एवं उपचार संस्थान के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।
दूसरे दीक्षांत समारोह में 11,053 विद्यार्थियों को मिली उपाधि
विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में प्रदेशभर के एमबीबीएस, एमडी, एमएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के कुल 11,053 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं।
इस अवसर पर 55 मेधावी विद्यार्थियों को गोल्ड और सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। इनमें 25 मेधावियों को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंच पर पदक प्रदान किए।
छात्राओं का रहा दबदबा
इस वर्ष डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में छात्राओं की संख्या अधिक रही। कुल 11,053 विद्यार्थियों में 7,618 छात्राएं और 3,435 छात्र शामिल रहे। यानी कुल उपाधि प्राप्त करने वालों में छात्राओं की हिस्सेदारी 69 प्रतिशत रही, जबकि छात्रों की संख्या 31 प्रतिशत दर्ज की गई।
