लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किए गए विकास कार्यों का उद्घाटन आज भी मौजूदा सरकार कर रही है। साथ ही उन्होंने प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा, किसानों और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।
‘सपा सरकार के विकास कार्यों का हो रहा उद्घाटन’
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने लखनऊ में कई बड़े विकास कार्य किए थे, जिनका उद्घाटन आज भी मौजूदा सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया था, जबकि लखनऊ मेट्रो अपने विस्तार में आगे नहीं बढ़ सकी।
कई परियोजनाओं का किया जिक्र
सपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी सरकार के दौरान अमूल प्लांट, पराग प्लांट, एचसीएल, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, डायल-100 और पुलिस मुख्यालय जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्थापित की गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने जेपीएनआईसी जैसी परियोजनाओं को भी बर्बाद कर दिया।
ग्रीन कवर और रिवरफ्रंट को लेकर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार ने लखनऊ का ग्रीन कवर बढ़ाया और गोमती रिवरफ्रंट का निर्माण कराया, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने दावा किया कि लखनऊ के भाजपा विधायक क्षेत्र बदलने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी क्षेत्र नहीं बल्कि विधायक बदलने का काम करेगी।
इंजीनियरिंग कॉलेजों को लेकर उठाए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में सबसे अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज उत्तर प्रदेश में बंद हुए हैं। उनके अनुसार यह प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।
राम मंदिर और चढ़ावा चोरी मामले पर भी बोले
अखिलेश यादव ने कहा कि अन्याय और अत्याचार ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं। उन्होंने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर रामभक्तों, संत समाज, उच्च न्यायालय, लोकसभा अध्यक्ष और समाज के विभिन्न वर्गों को संज्ञान लेना चाहिए। उनका आरोप था कि चढ़ावा चोरी के मामले में जनाक्रोश बढ़ रहा है।
इथेनॉल और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरा
सपा प्रमुख ने इथेनॉल मिश्रित ईंधन को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों से शिकायतें मिल रही हैं कि इथेनॉल मिलाने से वाहनों के रखरखाव का खर्च बढ़ रहा है और माइलेज प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में खाद और डीएपी की कमी है तथा किसानों को मक्का का उचित मूल्य नहीं मिल सका।
