लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में 29 से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के प्रमुख फैसलों में शाहजहांपुर जिले की जलालाबाद नगर पालिका का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
जलालाबाद अब कहलाएगा ‘परशुरामपुरी’
कैबिनेट के फैसले के बाद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उन्होंने कहा कि इसे भगवान परशुराम की जन्मस्थली माना जाता है, इसलिए इसका नाम ‘परशुरामपुरी’ किया जाना चाहिए। भारत सरकार से अनुमति मिलने के बाद उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
जितिन प्रसाद ने बताया ऐतिहासिक फैसला
केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री का आभार व्यक्त करते हैं, जिनकी मंजूरी के बाद यह निर्णय संभव हो सका। उनके अनुसार, इस फैसले के जरिए लोगों की आस्था और भावनाओं का सम्मान किया गया है।
विकास और जनकल्याण के प्रस्तावों पर भी लगी मुहर
भाजपा नेता मनोज पांडे ने बताया कि कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और उन्हें मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के विकास कार्यों को लगातार गति दी जा रही है।
शिक्षा, रोजगार और उद्योग पर भी हुई चर्चा
भाजपा नेता दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश को शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में प्रदेश में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान भी चलाया जाएगा। साथ ही कैबिनेट ने जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ किए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी।
