नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच कांग्रेस और टीएमसी के संभावित विलय को लेकर चल रही अटकलों पर दोनों दलों ने विराम लगा दिया है। कांग्रेस ने साफ तौर पर उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की हालिया मुलाकात के दौरान टीएमसी के कांग्रेस में विलय पर चर्चा हुई थी।
पश्चिम बंगाल में चुनावी झटके के बाद टीएमसी के भीतर लगातार असंतोष और नेताओं के इस्तीफों की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच ममता बनर्जी हाल ही में दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्होंने विपक्षी गठबंधन की बैठक में हिस्सा लेने के बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों के संभावित विलय को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
कांग्रेस ने बताया पूरी तरह गलत दावा
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई मुलाकात में विलय जैसे किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से व्यक्तिगत और राजनीतिक संबंध रहे हैं तथा बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच पर जारी बयान में कहा कि मुलाकात को लेकर प्रसारित की जा रही खबरें तथ्यहीन हैं और दोनों नेताओं ने विभिन्न व्यक्तिगत विषयों पर बातचीत की थी।
बैठक की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं
हालांकि दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार बातचीत के दौरान विपक्षी एकता और राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने विपक्षी दलों के बीच समन्वय मजबूत करने और जनता से जुड़े मुद्दों पर मिलकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुलाकात के बाद राहुल गांधी से भी मिले अभिषेक बनर्जी
सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात के बाद राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो गईं। अगले ही दिन टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। इस मुलाकात ने भी राजनीतिक चर्चाओं को हवा दी, हालांकि किसी भी पक्ष ने इसे विलय या राजनीतिक पुनर्गठन से जोड़कर नहीं देखा।
टीएमसी ने भी खारिज की विलय की चर्चा
कांग्रेस के बाद तृणमूल कांग्रेस ने भी कांग्रेस में विलय की अटकलों को सिरे से नकार दिया। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस तरह की कोई योजना या प्रस्ताव उनके संज्ञान में नहीं है। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह बेबुनियाद बताते हुए कहा कि टीएमसी स्वतंत्र राजनीतिक दल के रूप में अपना काम जारी रखेगी।
बंगाल की राजनीति पर बनी हुई है नजर
टीएमसी में लगातार सामने आ रहे इस्तीफों और राजनीतिक हलचलों के बीच ममता बनर्जी की हर गतिविधि पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बनी हुई है। हालांकि कांग्रेस और टीएमसी दोनों ने विलय संबंधी चर्चाओं को खारिज कर दिया है, लेकिन पश्चिम बंगाल की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अटकलों का दौर अभी भी जारी है।
