कोलकाता: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को अपनी पत्नी के साथ कोलकाता का दौरा किया, जो करीब 14 साल बाद किसी अमेरिकी विदेश मंत्री की इस शहर में यात्रा मानी जा रही है। इस दौरे को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
कोलकाता एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत
मार्को रुबियो का विमान शनिवार सुबह लगभग 6 बजकर 50 मिनट पर कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरा, जहां भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के अधिकारी और पश्चिम बंगाल सरकार के प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।
मदर हाउस में बिताया समय
कोलकाता पहुंचने के बाद रुबियो सबसे पहले मदर हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने करीब दो घंटे बिताए। इसके बाद उन्होंने मिशनरीज ऑफ चैरिटी द्वारा संचालित ‘निर्मला शिशु भवन’ का दौरा किया और वहां रह रहे बच्चों के साथ समय भी बिताया।
विक्टोरिया मेमोरियल का किया भ्रमण
इसके बाद अमेरिकी विदेश मंत्री विक्टोरिया मेमोरियल पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक धरोहर का अवलोकन किया। यह दौरा सांस्कृतिक और मानवीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2012 के बाद पहली अमेरिकी विदेश मंत्री की यात्रा
इससे पहले वर्ष 2012 में तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था। ऐसे में 14 साल बाद यह उच्च स्तरीय अमेरिकी दौरा एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर असर की उम्मीद
मार्को रुबियो की यह पहली भारत यात्रा भी है, जिसे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस दौरे से पश्चिम बंगाल में निवेश और सहयोग की संभावनाओं को लेकर भी उम्मीदें जताई जा रही हैं।
