
सुबह 7 बजे वोटिंग शुरू हुई…लेकिन माहौल ऐसा जैसे जंग का मैदान खुल गया हो। और हर वोट के पीछे सत्ता की सबसे बड़ी लड़ाई छिपी है। West Bengal में चुनाव नहीं… political युद्ध चल रहा है।
142 सीटों पर सीधा टकराव
दूसरे और अंतिम चरण में 7 जिलों की 142 सीटों पर मतदान जारी है। 1448 उम्मीदवार—हर एक अपनी किस्मत EVM में बंद कर रहा है। पहले चरण में 92% से ज्यादा मतदान ने संकेत दे दिया था— इस बार जनता सिर्फ वोट नहीं डाल रही… फैसला सुना रही है। बंगाल का हर बूथ… अब battleground है।
बूथ पर बवाल: नेता vs सिस्टम
कोलकाता में BJP उम्मीदवार Priyanka Tibrewal की पोलिंग अधिकारियों से बहस— कारण? छोटा बूथ और एजेंट को बाहर निकालना। TMC एजेंट भी कूद पड़े… और मामला और गर्म हो गया। सवाल साफ है—क्या चुनाव प्रक्रिया smooth है या controlled?
हमले और हिंसा के आरोप
नदिया के शांतिपुर में BJP कैंप पर हमला— रात के अंधेरे में राजनीतिक वार। छपरा के बूथ पर BJP एजेंट का सिर फूटना— आरोप सीधे TMC पर। चुनाव का दिन… और खून की खबरें—यह लोकतंत्र का काला चेहरा है।
मंदिर से संदेश: ज्यादा वोट करो
Suvendu Adhikari ने हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद अपील की— “ज्यादा से ज्यादा मतदान करें।” धार्मिक स्थल + राजनीतिक अपील—
यह combo अब नया नहीं रहा। बंगाल में हर कदम… symbolism से भरा है।
EVM में गड़बड़ी: भरोसे पर सवाल
पूर्व बर्धमान के कटवा में बूथ नंबर 95— EVM खराब… वोटर्स लाइन में खड़े और गुस्से में। जब मशीन रुकती है… तो भरोसा भी हिलता है।
ममता का वार: BJP पर मनमानी का आरोप
Mamata Banerjee ने वोट डालने से पहले कहा— BJP बाहरी लोगों को लाकर मनमानी कर रही है। उन्होंने साफ कहा— “मैं पूरे दिन निगरानी करूंगी।” सत्ता में बैठा नेता भी अगर आरोप लगाए… तो सिस्टम पर सवाल और गहरे हो जाते हैं।
2 लाख जवान: सुरक्षा या डर?
इस बार सुरक्षा unprecedented है—
2 लाख केंद्रीय बल
40 हजार पुलिस
कोलकाता में 273 कंपनियां
इतनी security… क्या डर का संकेत है? जहां लोकतंत्र को सुरक्षा चाहिए… वहां कुछ तो गड़बड़ है।
दिल्ली से अपील: वोट डालो
पीएम Narendra Modi और गृह मंत्री Amit Shah—दोनों ने रिकॉर्ड मतदान की अपील की। “सोनार बांग्ला” का सपना…लेकिन ground पर तस्वीर उतनी साफ नहीं। अपीलें बड़ी हैं… लेकिन हालात उलझे हुए।
बंगाल का चुनाव हमेशा intense रहा है… लेकिन इस बार stakes और भी ज्यादा हैं। हर पार्टी इसे “final battle” मान रही है। और हर वोटर… इस कहानी का silent warrior है। लोकतंत्र का पर्व… या power का युद्ध?
बंगाल में आज सिर्फ वोट नहीं डाले जा रहे… भविष्य लिखा जा रहा है। लेकिन जिस तरह से हिंसा, EVM issues और आरोप सामने आ रहे हैं— वह एक खतरनाक संकेत है। West Bengal एक बार फिर बता रहा है— यहां चुनाव आसान नहीं… intense होता है। नतीजे बाद में आएंगे… लेकिन आज का दिन already इतिहास लिख चुका है।
ममता का ग्राउंड गेम—जहां BJP की रणनीति पड़ जाती है फीकी
