
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुबह चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि विधान से आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई।
इस अवसर पर सीएम ने शिवावतार महायोगी से नागरिकों के सुख-समृद्ध जीवन की मंगलकामना की और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।
लाखों श्रद्धालु पहुंचे खिचड़ी अर्पित करने
मुख्यमंत्री के अनुसार, गोरखपुर और प्रयागराज में लाखों श्रद्धालु ने आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाई और संगम में डुबकी लगाई।
सीएम योगी ने कहा:
“यह मेरा सौभाग्य है कि मैं भी इस विशिष्ट पूजा के बाद बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर सका।”
सूर्यदेव और मकर संक्रांति का महत्व
सीएम ने बताया कि सूर्यदेव इस जगत की आत्मा हैं, और मकर संक्रांति का यह पर्व शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है।

- धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का संक्रमण
- उत्तरायण अवधि में दिन बढ़ते, रातें छोटी होती हैं
- भारत की ऋषि परंपरा ने सूर्य के महत्व को इस पर्व के माध्यम से समझाया
“जब सूर्य देव की असली चमक हो, तो खिचड़ी भी और स्वादिष्ट लगती है!”
अलग-अलग रूपों में मकर संक्रांति
सीएम ने कहा कि मकर संक्रांति देश के हर हिस्से में अलग-अलग नाम और रीति से मनाई जाती है:
- पूरब में बिहू / तिलवा संक्रांति
- पश्चिम में लोहड़ी
- दक्षिण में पोंगल
- उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति
देश और दुनिया से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन
सीएम योगी ने सभी श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और मंगलमय शुभकामनाएं व्यक्त कीं। गोरखपुर में बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी, प्रयागराज में संगम में डुबकी — यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि जनसमूह और संस्कृति का जीवंत उत्सव बन गया है।
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