
Shehbaz Sharif के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका, ईरान और लेबनान समेत सभी पक्ष दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमत हो गए हैं। लेकिन कुछ ही घंटों में White House ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया और साफ कर दिया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा ही नहीं था। इस एक बयान ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
जमीन पर जंग जारी, दावों की हवा निकली
सीजफायर के दावे के बीच हकीकत बिल्कुल उलट नजर आई। Lebanon में Israel Defense Forces ने Hezbollah के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए। यानी जिस शांति की तस्वीर पेश की जा रही थी, जमीन पर वह पूरी तरह नदारद रही।
ईरान का गुस्सा और बड़ा फैसला
Iran ने इस पूरे घटनाक्रम को समझौते का उल्लंघन बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। गुस्से में ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का फैसला लिया, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है। यह कदम सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार और अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।
समझौते से पहले ही टूटे भरोसे के धागे
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने बातचीत शुरू होने से पहले ही तीन प्रमुख शर्तों का उल्लंघन कर दिया। इसमें लेबनान में युद्धविराम लागू न होना, ईरान में ड्रोन गतिविधियां और यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को न मानना शामिल है। उनका साफ कहना है कि अमेरिका पर भरोसा करना बार-बार धोखा साबित हुआ है।
इजरायल का सख्त रुख
Benjamin Netanyahu ने साफ कर दिया कि लेबनान में सैन्य अभियान जारी रहेगा। उनका कहना है कि Hezbollah को कमजोर करना जरूरी है और इस ऑपरेशन को बीच में रोकने का कोई सवाल नहीं उठता। इससे साफ है कि क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल
इस पूरे विवाद के बाद सबसे ज्यादा सवाल Shehbaz Sharif की भूमिका पर उठ रहे हैं। क्या यह बिना पुष्टि के किया गया दावा था या फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव जमाने की कोशिश? कूटनीतिक गलियारों में अब इस बयान को लेकर गहन चर्चा हो रही है।
सीजफायर या सिर्फ बयानबाजी?
मौजूदा हालात यह साफ कर रहे हैं कि मिडिल ईस्ट में शांति अभी दूर है। एक तरफ White House और Iran के बीच बयानबाजी तेज है, तो दूसरी तरफ जमीन पर जंग जारी है। ऐसे में सवाल यही है—क्या यह सीजफायर कभी हकीकत बनेगा या सिर्फ कागजों और बयानों तक ही सीमित रह जाएगा?
