Stock Market Crash: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 77,000 के नीचे फिसला, निफ्टी 151 अंक टूटा

मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और खुलने के कुछ ही मिनटों में बिकवाली तेज हो गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77,000 अंक के नीचे फिसल गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 151 अंक तक टूट गया। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

खुलते ही बढ़ा बिकवाली का दबाव

सुबह 9:15 बजे कारोबार शुरू होने पर सेंसेक्स 85 अंक की गिरावट के साथ 77,384 पर खुला। वहीं निफ्टी 50 भी 37 अंक टूटकर 24,150 के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि शुरुआती मिनटों में ही बाजार पर बिकवाली हावी हो गई और सुबह करीब 9:30 बजे सेंसेक्स 491 अंक लुढ़ककर 76,971 तक पहुंच गया। इसी दौरान निफ्टी 151 अंक की गिरावट के साथ 24,035 पर कारोबार करता दिखा।

ज्यादातर शेयर लाल निशान में

सेंसेक्स के 30 शेयरों में टाइटन, इटरनल, मारुति और एशियन पेंट्स को छोड़कर लगभग सभी शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। इंडिगो के शेयर में सबसे अधिक 3.10 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया।

इन कारणों से बाजार पर बना दबाव

विशेषज्ञों के मुताबिक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ योजना, वैश्विक बाजारों के संकेत और निवेशकों की सतर्क रणनीति ने भी कारोबार की शुरुआत को प्रभावित किया।

मंगलवार को भी घरेलू बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था। उस दिन सेंसेक्स 238 अंक गिरकर 77,470 पर और निफ्टी 50 अंक टूटकर 24,187 के स्तर पर बंद हुआ था।

गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे कमजोर शुरुआत के संकेत

बाजार खुलने से पहले गिफ्ट निफ्टी भी कमजोर रुख दिखा रहा था। सुबह करीब 7:43 बजे यह 24,111.5 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर 24,180.60 से करीब 69 अंक नीचे था। इससे पहले ही घरेलू बाजार में कमजोर शुरुआत के संकेत मिल गए थे।

अमेरिका-ईरान तनाव और ट्रंप की टैरिफ योजना का असर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सेना ने लगातार 11वें दिन ईरान में सैन्य ठिकानों, समुद्री परिसंपत्तियों, विमान हैंगर, ड्रोन भंडारण केंद्रों और रसद ढांचे पर कार्रवाई की जानकारी दी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिकैक्स माउंटेन के आसपास भी कार्रवाई की संभावना जताई है।

इसके साथ ही ट्रंप ने आयातित जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध टैरिफ लगाने की योजना का भी ऐलान किया है। प्रस्ताव के अनुसार अगस्त 2028 तक आयातित जेनेरिक दवाओं पर शून्य शुल्क रहेगा, जिसके बाद इसे एक वर्ष के लिए 100 प्रतिशत और फिर 200 प्रतिशत तक बढ़ाया जाएगा।

कच्चे तेल में तेजी से बढ़ी चिंता

मध्य पूर्व में संघर्ष तेज होने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। इसी के चलते ब्रेंट क्रूड 1.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 92.12 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.09 प्रतिशत चढ़कर 85.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। बढ़ती तेल कीमतों को भी बाजार की कमजोरी का प्रमुख कारण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों ने इन शेयरों पर जताया भरोसा

बाजार विशेषज्ञों ने इंट्राडे कारोबार के लिए कुछ चुनिंदा शेयरों पर नजर रखने की सलाह दी है। इनमें ऑटोमोटिव स्टैम्पिंग्स एंड असेंबली, एमएम फोर्जिंग्स, जिंदल स्टील, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, हिंदुस्तान जिंक, श्रीराम फाइनेंस और सिर्मा एसजीएस शामिल हैं।

 

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