लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में जल्द ही बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रदेश पुलिस सेवा (PPS) के 29 अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पदोन्नति देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू करते हुए संभावित अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक जुलाई 2026 में विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित होगी, जिसमें अंतिम सूची को मंजूरी दी जाएगी। यूपीएससी इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR), कार्य प्रदर्शन और लंबित जांच या अनुशासनात्मक मामलों की गहन समीक्षा करेगा।
1998, 1999 और 2000 बैच के अधिकारी प्रमुख दावेदार
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2026 में आईपीएस के 29 रिक्त पदों को भरने के लिए मुख्य रूप से 1998, 1999 और 2000 बैच के पीपीएस अधिकारियों के नाम प्रस्तावित किए गए हैं। नियमों के तहत रिक्त पदों की संख्या से तीन गुना अधिक अधिकारियों के नाम भेजे जाते हैं, इसलिए 2001 बैच के कुछ अधिकारियों को भी सूची में शामिल किया गया है।
1998 बैच के जिन अधिकारियों के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं, उनमें शोएब इकबाल, राहुल मिठास, जितेंद्र श्रीवास्तव, विनीत भटनागर, प्रवीण सिंह चौहान, महेश सिंह अत्री, मधुबन सिंह, राजेश पांडे, बलवंत चौधरी, राहुल श्रीवास्तव, शशि शेखर सिंह, कपिल देव सिंह, विकास चंद्र त्रिपाठी, पूर्णेंदु सिंह, हरेंद्र कुमार, पवित्र मोहन त्रिपाठी, प्रशांत कुमार प्रसाद और अभय नाथ त्रिपाठी शामिल हैं।
पदोन्नति से पुलिस नेतृत्व को मिलेगी नई मजबूती
सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों को आईपीएस कैडर में पदोन्नति देने से पुलिस विभाग की कार्यक्षमता और प्रशासनिक क्षमता दोनों मजबूत होंगी। इसे उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ नेतृत्व में नई ऊर्जा और बेहतर प्रशासनिक समन्वय की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आईपीएस पद पर पदोन्नति मिलने के बाद ये अधिकारी कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और प्रशासनिक नेतृत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल सकेंगे। पुलिस विभाग में इस प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था।
