अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हालिया घटनाक्रम के बीच हलचल तेज हो गई है। चंपत राय के पत्र और एसआईटी को दिए गए लिखित बयान के बाद मंगलवार सुबह ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज उनसे मिलने पहुंचे। सुबह करीब 7:15 बजे शुरू हुई यह मुलाकात लगभग दो घंटे तक चली। इससे पहले सोमवार को कृष्ण मोहन और बजरंग लाल बागड़ा भी चंपत राय से मिलने पहुंचे थे।
इस्तीफे के बाद पहली बार हुई मुलाकात
ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद यह पहली मुलाकात मानी जा रही है। ऐसे में गोविंद देव गिरि और चंपत राय के बीच हुई लंबी बैठक को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
तीर्थ क्षेत्र भवन में मौजूद थे गोपाल राव
बैठक के दौरान गोपाल राव भी तीर्थ क्षेत्र भवन में मौजूद थे, लेकिन वह इस बैठक का हिस्सा नहीं बने। चंपत राय और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज के बीच हुई इस मुलाकात को चंपत राय के पत्र के बाद हुए घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
सोमवार को ट्रस्ट ने स्वीकार किया था इस्तीफा
राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक हुई थी। इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था।
गोविंद देव गिरि ने बताई थी चोरी की वजह
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा था कि मानक संचालन प्रक्रिया का कड़ाई से पालन नहीं होने के कारण चोरी की घटना हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोषाध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी ट्रस्ट के कोष में जमा धन की सुरक्षा और उसके आय-व्यय की निगरानी तक सीमित है, जबकि चढ़ावे की निगरानी का दायित्व उनके पास नहीं था।
चढ़ावे की निगरानी को लेकर कही यह बात
गोविंद देव गिरि ने कहा था कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की निगरानी की जिम्मेदारी मंदिर परिसर में रहने वाले संबंधित लोगों की थी। उनके अनुसार चढ़ावे की मुख्य जिम्मेदारी अनिल मिश्रा के पास थी। उन्होंने यह भी कहा कि गोपाल राव न तो ट्रस्ट के सदस्य थे और न ही ट्रस्टी। साथ ही उनका आरोप था कि भारतीय स्टेट बैंक की ढील के कारण चढ़ावे की चोरी संभव हुई।
चोरी के तीन आरोपी एक दिन की रिमांड पर
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने जेल में बंद तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करूणेश पांडेय को कोर्ट से एक दिन की रिमांड मिलने के बाद पूछताछ के लिए अपने कब्जे में लिया है। अब जांच एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
