दिल्ली के सत्ता गलियारों में इन दिनों एक अजीब सी खामोशी है… जैसे कोई बड़ा तूफान आने से पहले हवा रुक जाती है। फाइलें सरक रही हैं, मीटिंग्स हो रही हैं, और एक ऐसा फॉर्मूला पक रहा है जो भारत की राजनीति का DNA ही बदल सकता है। सवाल सिर्फ इतना नहीं है कि महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा… असली सवाल है—किसकी सीट जाएगी? और किसकी कुर्सी खिसकेगी? नया फॉर्मूला: जनगणना से अलग खेल? अब तक महिला आरक्षण लागू करने का रास्ता जनगणना और परिसीमन की लंबी सुरंग से होकर…
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ए नीतीश बाबू! अब सफाई में भी पॉलिटिक्स झाड़ दिहनी
नीतीश बाबू चुनावी मोड में आ गइनी। अबकी बेर झाड़ू वाला समाज के दिल में भी सीधा एंट्री मार दिहनी। बिहार में सफाई कर्मचारियन के अधिकार, कल्याण अउरी इज्जत खातिर नया आयोग बने जा रहल बा—बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग। ई आयोग में 1 अध्यक्ष, 1 उपाध्यक्ष आ 5 सदस्य होई, जेकरा में एक महिला भा ट्रांसजेंडर होई। मतलब अब सफाई करे वाला लोगन के भी VIP ट्रीटमेंट मिल सकेला! एक्स पर पोस्ट करके खुद बतवले नीतीश जी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद X (पहिले वाला ट्विटर) पर लिखलें: “मुझे यह…
Read Moreराबड़ी के बाद बिहार को नई रानी की दरकार!
बिहार की राजनीति में ‘संघर्ष’ एगो ऐसा शब्द बा, जेकर गूंज हर चुनाव में सुनाई देला। जात, धरम, इलाका, गोत्र—सब मिलाकर सत्ता के संग्राम एतना जटिल बा कि ओह में महिला नेता के जगह ढूंढे में लुका-छिपी होत रहेला। स्टार्टअप: डॉक्टर अब बस की सीट पर! हेल्थकेयर ऑन व्हील्स से बदलें गेम राबड़ी देवी: पर्दा से सत्ता तक के सफर की कहानी 1997 में जब राबड़ी देवी सीएम बनली, त पूरा देश चौंक गइल। एकदम घरेलू महिला से एक राज्य के मुखिया बन जाना, ऊ भी बिहार में—एहसे बड़का झटका…
Read Moreराबड़ी के बाद के रानी के खोज में बिहार: अबकी बार का नेतृत्त्व महिला के हाथ?
बिहार के सियासत के अगर एक शब्द में बखान होखे, तs उ शब्द ह “संघर्ष”। ई धरती जात-पात, क्षेत्रीय अस्मिता, वंशवाद आ चाणक्यवादी चाल के संग अमीरी-गरीबी, गांव-शहर के टकराव से भरल राजनीति देख चुकल बा। लेकिन ए सब झंझावत के बीच एगो सवाल बार-बार उठेला –“महिलन के जगह कहां बा बिहार के सियासत में?” भारत 7 प्रतिनिधिमंडलों को भेजेगा वैश्विक दौरे पर, लाभ-हानि की गणना राबड़ी देवी: ‘गृहिणी’ से ‘मुख्यमंत्री’ तक के सफर जब 1997 में राबड़ी देवी मुख्यमंत्री बनली, तs पूरा देश अचंभित हो गइल। ना भाषण, ना…
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