चंपत राय पर भी SIT का शिकंजा? संतोष दुबे से घंटों पूछताछ, आज सौंपेंगे दस्तावेजी साक्ष्य

लखनऊ। अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने रविवार को हिंदू धर्मसेना प्रमुख और पूर्व जिला पंचायत सदस्य संतोष दुबे से लंबी पूछताछ की। इस दौरान उनका बयान दर्ज किया गया और लगाए गए आरोपों के समर्थन में दस्तावेजी साक्ष्य मांगे गए। संतोष दुबे ने कहा कि वह सोमवार को सभी रिकॉर्ड और दस्तावेज SIT को उपलब्ध कराएंगे। राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने पिछले कुछ समय से राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय समेत अन्य…

Read More

हिमाचल के दियोटसिद्ध मंदिर में बड़ा बदलाव, चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाले कपड़े अनिवार्य

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के विश्वविख्यात सिद्धपीठ बाबा बालकनाथजी दियोटसिद्ध मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे की गणना प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नई ड्रेस नीति लागू करने का फैसला लिया है। 13 जुलाई से चढ़ावे की गणना करने वाले सभी कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान बिना जेब वाले कपड़े पहनना अनिवार्य होगा। 13 जुलाई से लागू होगी नई व्यवस्था मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी नई व्यवस्था उपायुक्त हमीरपुर एवं मंदिर ट्रस्ट की अध्यक्ष गंधर्वा राठौड़ के निर्देश पर लागू की जा रही है। इसके तहत चढ़ावे की गिनती…

Read More

‘सुपर सेवादार’, अब दर्शन से लेकर दान तक सबकुछ सिस्टम के हवाले

उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में आज जो हुआ, वो भारतीय लोकतंत्र और धार्मिक व्यवस्थाओं के बीच का परफेक्ट “मिलन समारोह” था। जी हां, मथुरा के श्री बांके बिहारी मंदिर के लिए ट्रस्ट बिल पास हो गया, और भगवान खुद अब ट्रस्ट के मेंबर बनते नज़र आ रहे हैं! क्या है बांके बिहारी मंदिर निर्माण अध्यादेश? इस अध्यादेश के जरिए मथुरा के प्रसिद्ध मंदिर के लिए एक नया ट्रस्ट बनाया जाएगा, जो मंदिर के चढ़ावे, दान, प्रॉपर्टीज़ और सेवाओं का मैनेजमेंट करेगा। ट्रस्ट के पास वो अधिकार होंगे, जो…

Read More

भगवान के प्रबंधन पर कोर्ट की नजर – सरकार की कमेटी अब आउट

वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर के प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की बनाई कमेटी को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कमेटी 2025 में लाए गए मंदिर ट्रस्ट अध्यादेश के तहत गठित की गई थी। अब इलाहाबाद हाई कोर्ट करेगा जांच सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यह मामला अब इलाहाबाद हाई कोर्ट को भेजा जाएगा, ताकि अध्यादेश की संवैधानिक वैधता की समीक्षा हो सके। जब तक हाई कोर्ट अपना फैसला नहीं देता, राज्य सरकार की कमेटी कोई कार्य नहीं करेगी। नई…

Read More