लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक अहम फैसले में स्पष्ट किया है कि केवल दो आपराधिक मुकदमों में नाम आने के आधार पर किसी व्यक्ति को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के तहत गुंडा घोषित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति को गुंडा घोषित करने के लिए उसका आदतन अपराधी होना आवश्यक है। एक या दो मामलों में संलिप्तता भर से यह नहीं माना जा सकता कि वह समाज के लिए स्थायी खतरा है। हाई कोर्ट ने रद्द किए प्रशासन के दोनों…
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