नई दिल्ली: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की पहली अनुसूची में आतंकी संगठन के तौर पर नामित किए जाने के बाद भारतीय जांच एजेंसियों के लिए इस नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का कानूनी दायरा बढ़ गया है। राज्यों की आतंकवाद निरोधक इकाइयां भी अब नेटवर्क से जुड़े मामलों में संगठन के संबंध, वित्तीय मदद, भर्ती, हथियारों और डिजिटल गतिविधियों की अलग-अलग स्तर पर जांच कर सकती हैं। यूएपीए की पहली अनुसूची में नामित हुआ नेटवर्क गृह मंत्रालय की ओर से शहजाद भट्टी नेटवर्क…
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