राजधानी Patna में नामांकन की आखिरी तारीख सिर पर है, लेकिन अब तक किसी दल ने आधिकारिक उम्मीदवार घोषित नहीं किया। सियासत का यह सन्नाटा दरअसल अंदरखाने चल रही सौदेबाजी का शोर है। पांच सीटों पर चुनाव है, लेकिन असली लड़ाई सिर्फ एक सीट की है। नंबर गेम का असली गणित बिहार विधानसभा में मौजूदा ताकत के आधार पर तस्वीर साफ दिखती है। एनडीए खेमे में Bharatiya Janata Party – 89, Janata Dal (United) – 85, Lok Janshakti Party (Ram Vilas) – 19, हम – 5, उपेंद्र कुशवाहा गुट – 4 कुल…
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खरमास खत्म, सियासी चालू! बिहार में Nitish Exit Plan या Nishant Entry?
बिहार की राजनीति में एक बार फिर “कुछ बड़ा होने वाला है” वाली फील लौट आई है। परंपरा रही है कि खरमास खत्म होते ही सियासी पिच पर बड़े शॉट खेले जाते हैं, और इस बार भी संकेत कुछ अलग नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो NDA के भीतर रणनीतिक मंथन फुल स्विंग में है, जहां चर्चा सिर्फ सरकार की नहीं, बल्कि भविष्य की कमान को लेकर है। Nitish Kumar Exit Plan? BJP की Long-Term Strategy बीजेपी के भीतर यह सोच जोर पकड़ रही है कि “Nitish Era के बाद…
Read Moreराज्यसभा के रेस में नबीन के नंबर, पवन सिंह के स्टारडम से बढ़ल तापमान
बिहार के राजनीति में राज्यसभा चुनाव 2026 के अभी तीन महीना बाकी बा, लेकिन सियासी चाल-ढाल अभी से तेज हो गइल बा। पांच सीट पर होखे वाला ई चुनाव हर पार्टी के रणनीति के नया दिशा दे रहल बा। सबसे ज्यादा चर्चा भारतीय जनता पार्टी के भीतर हो रहल बा, जहां नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन आ भोजपुरी सिनेमा के चर्चित चेहरा पवन सिंह के राज्यसभा भेजे के अटकल तेज हो गइल बा। 9 अप्रैल 2026 के खाली हो जाई पांच सीट 9 अप्रैल 2026 के बिहार से राज्यसभा…
Read More“खरमास में चुप्पी, मकर में फैसला? नीतीश के बाद कौन—यही सवाल”
बिहार में एनडीए को निर्णायक जनादेश मिले एक महीना बीत चुका है, लेकिन राजनीति अब भी सेटल मोड में नहीं आई है। सरकार बनी, कुर्सियां तय हुईं, मगर राजनीतिक गलियारों में सवाल वही पुराना है—नीतीश के बाद कौन? इत्तेफाक देखिए कि यह सब उस समय हो रहा है, जब हिंदू पंचांग के मुताबिक ‘खरमास’ चल रहा है— यानि शुभ कामों पर ब्रेक, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं पर कोई रोक नहीं। दिल्ली मीटिंग से बढ़ी बेचैनी हाल ही में दिल्ली में जेडीयू के दो वरिष्ठ नेताओं की बंद कमरे में हुई बैठक…
Read Moreबिहार सरकार का बड़ा फैसला: DA में 5% बढ़ोतरी, कर्मचारियों को राहत
बिहार की नई एनडीए सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में ऐसा फैसला लिया, जिसने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के चेहरे पर ताजगी और उम्मीद दोनों लौटा दीं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में महंगाई भत्ते यानी DA में 5% की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है। सरकार बोली—”महंगाई बढ़ेगी? तो हम भी बढ़ेंगे!”कर्मचारियों ने कहा—”अब लगी न बात!” DA में बढ़ोतरी: अब 252% नहीं, सीधे 257%! जो लोग हर महीने बढ़ती सब्ज़ी–दाल देखकर Excel शीट में खर्च जोड़ते–जोड़ते थक चुके थे, उनके लिए…
Read Moreबिहार में नीतीश की 10वीं इनिंग: NDA की जीत के बाद सबसे बड़ी चुनौतियाँ
NDA की बम्पर जीत और रिकॉर्ड 10वीं बार शपथ… नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि वह बिहार राजनीति के evergreen player हैं। लेकिन अब असली चुनौती सत्ता नहीं— वायदों का पहाड़ है। मतलब— जीत तो ले ली, अब डिलीवरी करनी है! नीतीश कुमार की सबसे बड़ी चुनौती: “वादे vs बिहार का बजट” बिहार का आर्थिक बजट पहले ही पतला है, और वादे… मानो election manifesto नहीं, wish-list थी। एनडीए के वादे जिन पर अब नीतीश की परीक्षा होगी- डेढ़ करोड़ महिलाओं को 10,000 रुपये एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को…
Read Moreबिहार में डिप्टी CM कौन? सबको सिर्फ ‘वक्त बताएगा’ जवाब मिला
बिहार राजनीति में आज बड़ा दिन है। BJP विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। यानी लखनऊ से पटना तक अब सबकी निगाहें सिर्फ एक ही सवाल पर— “आख़िर बिहार का नया सत्ता समीकरण कैसा होगा?” केशव मौर्य का क्लासिक जवाब: “जो होगा, जैसे-जैसे होगा… बताया जाएगा!” पटना में मीडिया ने जब उनसे पूछा कि डिप्टी CM कौन होगा, कितने होंगे, और कैबिनेट किसका होगा— तो मौर्य जी ने राजनीति वाला Zen Mode ऑन किया…
Read Moreबिहार में फिर ‘कुर्सी कुमार’ की वापसी—20 नवंबर को शपथ
बिहार विधानसभा चुनाव में NDA की ज़बरदस्त जीत के बाद सबसे बड़ा सवाल था— सीएम कौन?लेकिन अब पिक्चर क्लियर है। सूत्रों के मुताबिक, NDA में नीतीश कुमार के नाम पर पूरी सहमति बन चुकी है और वे ही एक बार फिर बिहार की कमान संभालेंगे। यानी कि— कुर्सी का GPS फिर नीतीश कुमार के पते पर री-रूट हो गया है। 19 नवंबर: विधायक दल की बैठक सूत्रों ने बताया कि 19 नवंबर को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। यही वह मीटिंग होगी जिसमें नीतीश कुमार के नाम की अधिकारिक…
Read Moreनीतीश कुमार की क्लीन इमेज क्यों बनी ‘बिहार विजय सूत्र’?
बिहार चुनाव 2025 ने एक बार फिर भारतीय राजनीति का सबसे पुराना फॉर्मूला ताजा कर दिया—साफ छवि = साफ जीत। नीतीश कुमार की वापसी कोई रातोंरात नहीं हुई। यह क्लीन ब्रांड, भरोसे वाला चेहरा और स्थिर राजनीति का पैकेज है, जो बिहार के मतदाताओं के दिल में आज भी वैल्यू रखता है। नीतीश–मोदी की जोड़ी: एक भरोसेमंद ‘स्टेबल पैकेज’ बिहार ने इस बार जिस बात पर सबसे ज्यादा भरोसा किया, वह था— अनिश्चितता से दूर रहना। मोदी का नेशनल ब्रांड + नीतीश की स्टेबल गवर्नेंस = मतदाताओं की पसंदीदा कॉम्बो-डील। महागठबंधन के…
Read More“NDA की सुनामी, अखिलेश बोले— SIR का खेल अब बंद!”
बिहार में 2025 की मतगणना ने एक बार फिर साफ कर दिया कि चुनावी सियासत में एनडीए अभी भी दनादन चौके-छक्के मारने की क्षमता रखता है। चुनाव आयोग के 1 बजे तक के रुझानों में एनडीए 196–197 सीटों पर आगे, जबकि महागठबंधन मुश्किल से 40–41 सीटों पर टिका हुआ है। बीजेपी तो अकेले ही 197 सीटों पर लीड लेकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में चमक रही है। जेडीयू 79 सीटों पर आगे है, जबकि लोजपा (रामविलास) 21, HAM 5 और रालमो 3 सीटों पर लीड में हैं। अगर यही…
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