पटना: बिहार की राजनीति में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने सुरक्षा में कटौती के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने सरकारी आवास पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस जाने का निर्देश दे दिया, जिसके बाद आवास के अंदर और मुख्य द्वार पर कोई सुरक्षा कर्मी नजर नहीं आया। हालांकि सुरक्षाकर्मी पूरी तरह हटे नहीं हैं। वे आवास परिसर से कुछ दूरी पर तैनात हैं और सुरक्षा व्यवस्था…
Read MoreTag: Bihar Political News
बिहार में प्रभारी मंत्रियों की सूची जारी: पटना से मुजफ्फरपुर तक बांटी गई जिम्मेदारियां, जानें किस मंत्री को कौन सा जिला मिला
पटना: बिहार सरकार ने प्रभारी मंत्रियों के जिलों की नई सूची जारी कर दी है। सरकार की ओर से अलग-अलग मंत्रियों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस सूची में विजय कुमार चौधरी को राजधानी पटना और नालंदा का प्रभार दिया गया है, जबकि डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल को मुजफ्फरपुर और बांका की जिम्मेदारी मिली है। सरकार की ओर से जारी सूची के मुताबिक, बिजेन्द्र प्रसाद यादव को सारण, श्रवण कुमार को पूर्वी चंपारण और शिवहर का प्रभार सौंपा गया है। वहीं विजय कुमार सिन्हा को गया और…
Read Moreनीतीश की जुबान फिसली: राबड़ी देवी को बता दिया लालू की ‘बेटी’
राजनीति में भाषण अक्सर रणनीति से लिखे जाते हैं. लेकिन कभी-कभी एक शब्द पूरा राजनीतिक माहौल बदल देता है. बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की अररिया रैली में भी कुछ ऐसा ही हुआ. विकास योजनाओं पर बोलते-बोलते अचानक उनकी जुबान फिसली…और उन्होंने Rabri Devi को Lalu Prasad Yadav की “बेटी” कह दिया. बस फिर क्या था. राजनीतिक गलियारों में यह एक वाक्य तुरंत चर्चा का विषय बन गया. अररिया की सभा और विकास का एजेंडा बिहार में अपनी समृद्धि यात्रा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अररिया पहुंचे. यहां उन्होंने कई विकास…
Read More“खरमास में चुप्पी, मकर में फैसला? नीतीश के बाद कौन—यही सवाल”
बिहार में एनडीए को निर्णायक जनादेश मिले एक महीना बीत चुका है, लेकिन राजनीति अब भी सेटल मोड में नहीं आई है। सरकार बनी, कुर्सियां तय हुईं, मगर राजनीतिक गलियारों में सवाल वही पुराना है—नीतीश के बाद कौन? इत्तेफाक देखिए कि यह सब उस समय हो रहा है, जब हिंदू पंचांग के मुताबिक ‘खरमास’ चल रहा है— यानि शुभ कामों पर ब्रेक, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं पर कोई रोक नहीं। दिल्ली मीटिंग से बढ़ी बेचैनी हाल ही में दिल्ली में जेडीयू के दो वरिष्ठ नेताओं की बंद कमरे में हुई बैठक…
Read More