गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 4 फरवरी को जो हुआ, उसने पूरे शहर को झकझोर दिया। 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी — तीन सगी बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। यह सिर्फ एक crime news नहीं, बल्कि आज के urban परिवार, parenting gaps और digital addiction पर बड़ा सवाल है। अस्थि विसर्जन के बाद तेज हुई पूछताछ घटना के बाद बच्चियों का अस्थि विसर्जन दिल्ली में किया गया। उसी दिन पुलिस ने पिता चेतन कुमार और उनकी तीनों पत्नियों…
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9वीं मंजिल से कूदीं 3 सगी नाबालिग बहनें, Online Gaming Angle की जांच
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। भारत सिटी सोसाइटी के B-1 टॉवर, फ्लैट नंबर 907 में रहने वाली तीन सगी नाबालिग बहनों ने एक साथ 9वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना रात करीब 2 बजे की है। सोसाइटी परिसर में जब लोगों ने खून से लथपथ शव देखे, तो हड़कंप मच गया। तीनों बहनें कौन थीं? पुलिस और परिजनों के अनुसार मृतक बहनें थीं निशिका (16 वर्ष), प्राची (14 वर्ष), पाखी (12 वर्ष) तीनों…
Read Moreफ्रांस बोला: “बच्चों, अब TikTok नहीं, किताब ही करो!”
फ्रांस की नेशनल असेंबली ने हाल ही में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए TikTok, Instagram, Facebook और Snapchat जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पूरी तरह बैन लगा दिया। इसका उद्देश्य बच्चों की मानसिक स्वास्थ्य और साइबर बुलिंग जैसी समस्याओं को रोकना है। क्यों लिया गया यह कदम? आंकड़ों के अनुसार, फ्रांस में 13-15 साल के बच्चों में डिप्रेशन और आत्महत्या के मामले पिछले 10 वर्षों में 60% बढ़ गए हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि सोशल मीडिया इस बढ़ती समस्या का…
Read Moreपापा बस चिल्लाते हैं, Emotion तो शायद WiFi पर चलता है
आजकल Parenting सिर्फ़ “Homework किया?” से नहीं चलती। बच्चे emoji नहीं हैं जिन्हें swipe करके ignore कर दें—उनकी feelings भी होती हैं।लेकिन भारतीय घरों में अक्सर यही होता है— माता-पिता tension में, बच्चा confusion में, और घर में emotions की WWE लाइव चल रही होती है। 1. बच्चों की फीलिंग्स को Ignore करना: Emotion का Flight Cancelled! जब बच्चा उदास हो, घबराया हो या किसी बात से परेशान हो— वो parents की तरफ comfort, understanding और थोड़ा सा प्यार expect करता है। लेकिन parents क्या देते हैं?“रो ना बंद कर”,…
Read Moreजर्मनी में Male Nurse बना ‘एंजेल ऑफ डेथ’ — 10 की ली जान
जीवन देने वाले हाथों ने मौत बाँटी — ये कहानी किसी हॉरर फिल्म की नहीं, बल्कि जर्मनी के वुएर्सेलेन (Wuerselen) शहर की है, जहां एक Male Nurse ने अपने 10 मरीजों की हत्या कर दी और 27 और लोगों को मारने की प्लानिंग कर रखी थी। कोर्ट ने शुक्रवार को इस ‘एंजेल ऑफ डेथ’ को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) की सजा सुनाई।सुनवाई के दौरान जज ने कहा — “ये मामला सामान्य हत्या नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवा पर विश्वास की हत्या है।” नर्स से कातिल? आरोपी नर्स का नाम सार्वजनिक नहीं…
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