सीधे शब्दों में कहें तो मामला उतना सीधा नहीं जितना दिख रहा है। लखनऊ मेयर सुषमा खरकवाल ने साफ कहा—“मैंने अखिलेश यादव की मां के खिलाफ कुछ नहीं कहा।”उनका दावा है कि उनके भाषण को काट-छांटकर वायरल किया गया और असल बात थी “महिलाओं के सम्मान” की, न कि किसी की मां पर टिप्पणी। लेकिन सवाल यहीं से शुरू होता है—अगर बात सम्मान की थी, तो इतना बड़ा बवाल क्यों? अखिलेश का पलटवार: ‘एक बेटे का दर्द’ राजनीति में शब्द गोलियों से कम नहीं होते—और यही हुआ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव…
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