उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौतम अग्रवाल और उनके परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि उनकी पुश्तैनी निजी जमीन को वक्फ की संपत्ति बताकर जबरन कब्जे में लिया जा रहा है। परिवार का दावा है कि खसरा संख्या 479 और 480, मोहल्ला इरादत नगर, थाना हसनगंज स्थित यह भूमि दशकों से उनके कब्जे में है और इसके सभी रजिस्टर्ड सेल डीड (1968) मौजूद हैं। दस्तावेज़…
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बैनामा कागज़ में, कब्जा दबंग के हाथ! बाराबंकी में कानून की परीक्षा
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से आई यह खबर एक बार फिर सवाल खड़ा करती है—क्या ज़मीन खरीदना अब भी सुरक्षित निवेश है?नवाबगंज तहसील के ग्राम बड़ेल में जमीन विवाद ने उस वक्त सनसनी फैला दी, जब तीन खरीदारों ने आरोप लगाया कि रजिस्टर्ड बैनामे के बावजूद हथियारों के बल पर उनकी ज़मीन पर कब्जा कर लिया गया. पीड़ितों के नाम हैं—रामकुमार तिवारी, अफजाल इरशाद किरमानी और मोहम्मद सुफियान. तीनों का कहना है कि उन्होंने नवंबर महीने में विधिवत रजिस्टर्ड बैनामे से जमीन खरीदी थी और बाउंड्री भी करा दी…
Read Moreफरियादी आए, और सरकार ने कहा—”Nischint rahiye, sab set kar देंगे!”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चाहे जितने भी बिज़ी हों, लेकिन जनता दर्शन उनके डेली रुटीन का ब्रह्मास्त्र है। सोमवार को भी योगी जी जनता से रूबरू हुए और एक-एक फरियादी की बात ध्यान से सुनी। CM ने सभी से कहा—“Nischint hokar ghar जाइए… हर समस्या का समाधान मिलेगा।”यानी जनता परेशान है, लेकिन CM solution mode में हैं। इलाज के लिए आर्थिक सहायता—CM बोले: “किसी का इलाज पैसे के बिना नहीं रुकेगा” जनता दर्शन में इस बार कुल 42 लोग पहुंचे। इनमें से 5 फरियादी इलाज के लिए आर्थिक मदद चाहते थे।…
Read More‘मिशन पहचान’: बांग्लादेशी–रोहिंग्या, महापौर ने दिया 15 दिन का अल्टीमेटम!
राजधानी लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र में गुरुवार की सुबह कुछ ज्यादा ही ‘एक्शन मूड’ में दिखाई दी महापौर सुषमा खर्कवाल। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम और ETF टीम लेकर वे शंकरपुरवा-बहादुरपुर वार्ड पहुंचीं — जहाँ अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या की बड़ी तादाद की खबर थी। जैसे ही महापौर का काफिला अंदर गया, कई युवक “स्प्रिंट मोड” में आ गए, जबकि महिलाएँ अपनी झोपड़ियों में ऐसे गायब हुईं जैसे अचानक फ्लैश मोड ऑन हो गया हो। “पहचान पत्र दिखाओ…” — जवाब में खामोशी…
Read Moreथाना परिसर में ‘मंदिर मार्केटिंग’! भगवान के नाम पर दुकानदारी चालू है…
थाना बबीना परिसर की आराजी संख्या 1626 (9.30 एकड़) सरकारी रिकॉर्ड में पुलिस विभाग के नाम पर है। लेकिन असलियत में ज़मीन पर क़ब्ज़ा जमा रखा है — “श्री त्रिलोकीनाथ मंदिर प्रबंधन समिति बबीना” ने। अब सवाल ये उठ रहा है कि मंदिर चल रहा है या मार्केटिंग ऑफिस? पुलिस बैरक के बगल में चल रही दुकानें न सिर्फ धार्मिक आस्था पर सवाल उठाती हैं, बल्कि यह बताती हैं कि ‘किराया वसूली’ में भगवान भी शामिल कर लिए गए हैं! बिना NOC के पंजीकरण, फिर भी हो गया नवीनीकरण! समिति…
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