Emergency Anniversary: पीएम बोले – लोकतंत्र को बंधक बना लिया गया था

25 जून 1975 की रात भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐसा मोड़ लाया, जिसे ‘काला अध्याय’ कहा जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की सिफारिश पर राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने देश में आपातकाल घोषित किया। यह दौर 21 मार्च 1977 तक चला। शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष में डेब्यू- 1984 के बाद पहली बार पीएम मोदी का हमला – “लोकतंत्र को बंधक बना लिया गया था” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस दिन को याद करते हुए कहा, “यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास के सबसे…

Read More

शुभांशु शुक्ला का अंतरिक्ष में डेब्यू- 1984 के बाद पहली बार

25 जून 2025 को दोपहर करीब 12 बजे (भारतीय समयानुसार), भारत के शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष की ओर एक ऐतिहासिक उड़ान भरी। यह लॉन्च Axiom Space द्वारा संचालित एक्सियम-4 (Axiom-4) मिशन का हिस्सा है। शुभांशु के साथ इस मिशन में शामिल हैं, स्लावोस्ज़ अज़नान्स्की विज़नियेवस्की (पोलैंड), टीबोर कापू (हंगरी), पेगी व्हिट्सन (अमेरिका), जो पहले भी अंतरिक्ष यात्राएं कर चुकी हैं और इस मिशन की कमांडर हैं। EPFO एडवांस निकासी सीमा ₹5 लाख हुई, तीन दिन में सेटलमेंट की गारंटी इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की ओर उड़ान इन चारों अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन…

Read More

EPFO एडवांस निकासी सीमा ₹5 लाख हुई, तीन दिन में सेटलमेंट की गारंटी

अगर आप भी उन लोगों में हैं जो PF खाते को emergency fund मानते हैं और हर महीने उसकी बैलेंस चेक करके संतोष की गहरी सांस लेते हैं — तो आपके लिए खुशखबरी है!अब ₹1 लाख की लिमिट वाली लाइन क्रॉस हो गई है और सरकार ने इसे फुल स्पीड में ₹5 लाख तक धक्का दे दिया है।और हां, पैसा भी 3 दिन में मिलेगा — बस शादी, बीमारी या मकान की छत न गिर जाए इस बीच! बधाई हो! ईरान-इसराइल में शांति और पाकिस्तान को ट्वीट करने का मौका!…

Read More

बधाई हो! ईरान-इसराइल में शांति और पाकिस्तान को ट्वीट करने का मौका!

दुनिया दो दुश्मन देशों के बीच युद्धविराम से राहत की सांस ले रही थी, और तभी पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक़ डार ने भी एक ट्वीट ठोक दिया – शांति, स्थिरता और संयुक्त राष्ट्र के नाम पर! ट्वीट में उन्होंने न केवल युद्धविराम का गर्मजोशी से स्वागत किया, बल्कि अपनी डिप्लोमैटिक भावना भी “शब्दों की मिसाइल” के ज़रिए ज़ाहिर कर दी। कलेक्टर नहीं बने, तो क्या ज़िंदा रहना भी ज़रूरी नहीं?” —नंबरों की राजनीति गर्मजोशी से स्वागत करते हैं – डार साहब का डिप्लोमैटिक टेम्परेचर हाई इसहाक़ डार का ट्वीट…

Read More

कलेक्टर नहीं बने, तो क्या ज़िंदा रहना भी ज़रूरी नहीं?” —नंबरों की राजनीति

आप कौन-से कलेक्टर बन गए?” – ये लाइन साधारण नहीं, समाज की सड़ी हुई सोच का आईना है। महाराष्ट्र के सांगली ज़िले में जब 12वीं की छात्रा साधना भोसले ने अपने पिता को उनके अधूरे सपनों की याद दिलाई, तो जवाब में उन्हें तर्क नहीं मिला, बल्कि थप्पड़ और घातक हिंसा मिली।बेटी की मौत के बाद जो रह गया, वो था: मेडिकल की तैयारी, अधूरे सपने, और समाज की ‘डॉक्टर या इंजीनियर नहीं बने तो फ़ेल हो’ वाली मानसिकता। ईरान-इसराइल युद्धविराम पर क़तर की चाय गरम, शांति का गर्मागर्म स्वागत!…

Read More

ईरान-इसराइल युद्धविराम पर क़तर की चाय गरम, शांति का गर्मागर्म स्वागत!

जब दुनिया उम्मीद छोड़ बैठती है, तब डिप्लोमेसी चुपके से मीटिंग रूम में घुसती है — और अचानक शांति का ऐलान हो जाता है! ईरान और इसराइल, जो अब तक एक-दूसरे को ट्विटर और टैंकों से जवाब देते आ रहे थे, अब हथियारों की जगह “समझौता-पत्र” टाइप पेपर पर दस्तख़त कर चुके हैं।और इसी मौके पर क़तर, जो हमेशा से मिडिल ईस्ट के कूटनीतिक क्लास मॉनिटर की भूमिका निभाता आया है, ने इस युद्धविराम का गर्मजोशी से स्वागत किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सराहना करते हुए क़तर…

Read More

“ऑपरेशन सिंदूर पार्ट 2?” – अब तुर्की की बारी है कांपने की!

भारत और ग्रीस के सैन्य रिश्तों पर जब पहली बार दुनिया की नजर पड़ी, तो सबने सोचा – “अरे! रुटीन डिफेंस ड्रिल होगी… भारत थोड़ा सिखाएगा, ग्रीस थोड़ा समझेगा।”पर तभी तस्वीर में घुसी तुर्की की नाक, और खुफिया एजेंसियों ने माथा पकड़ लिया — “कुछ तो गड़बड़ है दया…”अब सवाल उठ रहा है: क्या ये मिलिट्री मस्ती है या सीक्रेट मिशन सिंदूर – पार्ट 2? जब ईरान-इसराइल दोनों जीतने लगे और ट्रंप बने मास्टरजी ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का रिवीजन क्लास? सूत्रों की मानें तो भारत अब ग्रीस को वो ही युक्तियाँ…

Read More

जब ईरान-इसराइल दोनों जीतने लगे और ट्रंप बने मास्टरजी

जैसे ही ट्रंप ने मंगलवार सुबह ट्रुथ सोशल पर ऐलान किया कि “अब बस करो, लड़ाई बंद”, सबने राहत की सांस ली।लेकिन वो कहावत है ना — “शांति सिर्फ कागज़ पर होती है, माइक्रोफोन पर नहीं!” ईरान और इसराइल दोनों देशों ने फौरन अपने-अपने मीडिया चैनलों पर जीत के झंडे गाड़ दिए। और अब दुनिया ये सोच रही है कि “अगर दोनों जीत गए, तो हारा कौन?” “बॉस, बम मत गिराओ!” — ट्रंप का ताऊ स्टाइल अलर्ट इसराइल के नाम ईरान: ‘बशारत-ए-फतह’… टीवी पर विजय का नगाड़ा ईरानी सरकारी चैनल…

Read More

“बॉस, बम मत गिराओ!” — ट्रंप का ताऊ स्टाइल अलर्ट इसराइल के नाम

अमेरिका के राष्ट्रपति और राजनीतिक बयानबाज़ी के स्वयंभू ब्रह्मा डोनाल्ड ट्रंप फिर चर्चा में हैं। और इस बार वजह है उनका नया वर्ज़न ऑफ़ “International Scolding”। हेग में नेटो समिट के रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि उन्हें इसराइल पर “गुस्सा” है। बोले, “युद्धविराम के बाद रॉकेट चलाना ठीक नहीं। ये लोग खुद नहीं जानते कि कर क्या रहे हैं।” किस्मत की लॉटरी!’ — JEECUP काउंसलिंग का नया ड्रामा शुरू युद्धविराम… और तुरंत बमबारी? ट्रंप की नाराजगी की वजह है इसराइल द्वारा युद्धविराम के तुरंत बाद की गई…

Read More

किस्मत की लॉटरी!’ — JEECUP काउंसलिंग का नया ड्रामा शुरू

JEECUP 2025 के नतीजे आने के बाद अब छात्रों के लिए असली मुकाबला शुरू हो चुका है — काउंसलिंग का महायुद्ध। 27 जून से चॉइस फिलिंग चालू होगी और 3 जुलाई को आपकी किस्मत का पहला डिब्बा यानी Round 1 का सीट अलॉटमेंट खुलेगा। अगर आपने सही ऑप्शन चुना, तो सीट पक्की। नहीं तो “फ्लोटिंग सपनों” के साथ अगले राउंड की तैयारी! भक्त खुश, दलाल पस्त! दिल्ली में कांवड़ के नाम पर ‘घोटाला लीला’ खत्म! दो चरणों में चलेगा सीटों का ‘कुंभ मेला’ काउंसलिंग की पूरी व्यवस्था दो चरणों में…

Read More