गुजरात का मतदाता मैराथन! 1.73 करोड़ डेटा मिसमैच, नोटिस की बौछार

गुजरात में चुनावी प्रक्रिया के बीच ड्राफ्ट मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद करीब 1.73 करोड़ मतदाताओं का डेटा पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा। इस भारी मिसमैच ने राज्य चुनाव तंत्र में चिंता पैदा कर दी है। डेटा मिसमैच की वजहें राज्य में कुल 4.34 करोड़ मतदाता दर्ज हैं। जांच में पता चला कि बड़ी संख्या में नाम, उम्र और पता जैसी जानकारियां पुरानी मतदाता सूची (2002) से मेल नहीं खा रही। चुनाव विभाग के अनुसार ये ज्यादातर डेटा एंट्री की पुरानी गलतियां हैं, मतदाताओं की नहीं। नोटिस…

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अब छुपेगा नहीं खेल! SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट का ‘Transparency वार’

पश्चिम बंगाल के SIR (Special Investigation Report) मामले में सुनवाई करते हुए Supreme Court of India ने पारदर्शिता को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दे दिया है। कोर्ट ने साफ कहा है—अब रिकॉर्ड में गड़बड़ी छिपेगी नहीं। पंचायत और वार्ड ऑफिस में लगेगी ‘नामों की लिस्ट’ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक, अब पंचायत और वार्ड कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर उन सभी व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक रूप से चिपकाए जाएंगे, जिनके रिकॉर्ड में किसी भी तरह की irregularity पाई गई है। कोर्ट का मानना है कि इससे प्रभावित लोगों…

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BLO Suicide Case: वोटर लिस्ट से लेकर सत्ता तक, TMC पर गंभीर आरोप

कोलकाता के जादवपुर विधानसभा क्षेत्र से सामने आया एक मामला अब सिर्फ एक आत्महत्या की खबर नहीं रह गया है। बूथ संख्या 110 के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अशोक दास की मौत ने बंगाल की चुनावी व्यवस्था, प्रशासनिक दबाव और सत्ता-संरचना पर uncomfortable सवाल खड़े कर दिए हैं।यह कहानी सिस्टम की है—जहाँ नियम किताबों में सुरक्षित हैं, लेकिन ज़मीन पर डर में जीते हैं। परिवार का आरोप: “काम करो, लेकिन ज़्यादा ईमानदार मत बनो” परिजनों के मुताबिक, अशोक दास पर लगातार यह दबाव डाला जा रहा था कि वे मतदाता…

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