पहली नज़र में ये चार लड़के थे… लेकिन उनके इरादे किसी जंग से कम नहीं थे। दूसरी नज़र में ये वही आम चेहरे थे— मैकेनिक, गार्ड, प्लंबर… जिनके हाथों में देश का भविष्य होना चाहिए था, बम नहीं। तीसरी नज़र में सवाल उठता है—ये सब हुआ कैसे? और हम सब कहाँ सो रहे थे? ऑपरेशन: जब दिल्ली बाल-बाल बची खुलासा चौंकाने वाला है—राजधानी को दहला देने की तैयारी पूरी थी, बस वक्त का इंतजार था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार युवकों को गिरफ्तार किया—महाराष्ट्र, ओडिशा और बिहार से जुड़े ये चेहरे…
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