दुनिया इस वक्त बारूद की गंध में सांस ले रही है। मिडिल ईस्ट में जंग की लपटें, कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतें और ग्लोबल मार्केट्स का डगमगाता संतुलन—हर तरफ डर का माहौल है। लेकिन इसी अंधेरे के बीच भारत से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरी आर्थिक दुनिया को चौंका दिया। 2 अप्रैल 2026… यह तारीख अब सिर्फ कैलेंडर का हिस्सा नहीं रही, बल्कि भारतीय रुपये की “कमबैक स्टोरी” बन गई है। जहां एक तरफ डॉलर अपनी मसल पावर दिखा रहा था, वहीं भारतीय रुपया अचानक ‘अंडरडॉग’ से ‘चैंपियन’…
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“रुपया हुआ 90 पार— डॉलर बोला: पकड़ सको तो पकड़ो!”
बुधवार को भारतीय वित्तीय बाजारों में बड़ा झटका लगा जब रुपया पहली बार इतिहास में डॉलर के मुकाबले 90 के पार फिसल गया।सुबह के शुरुआती कारोबार में रुपया 90.14 तक गिरा, जबकि मंगलवार को ही यह 89.94 तक टूट चुका था। यह गिरावट सिर्फ एक नंबर नहीं— ये संकेत है कि डॉलर की डिमांड बढ़ रही है और रुपया दबाव में है। डॉलर की मजबूत पकड़ और FPI की घर वापसी वजह साफ है— विदेशी निवेशकों की लगातार sell-off कंपनियों व importers की भारी डॉलर डिमांड अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर…
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