महिला जननांग विकृति (FGM) की प्रथा पर सुप्रीम कोर्ट ने पहली बार गंभीरता से सुनवाई शुरू कर दी है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने हालिया जनहित याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें FGM को “अमानवीय, भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक” बताया गया है। याचिका का सीधा आरोप है — यह प्रथा नाबालिग लड़कियों के मौलिक अधिकारों का सबसे बड़ा और सबसे चुप्पा उल्लंघन है। क्या है FGM या ‘खफद’? — “सात साल की बच्ची और सदियों पुरानी सोच” याचिका के अनुसार, खफद एक प्रक्रिया है जिसमें…
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Waqf Sanshodhan Adhiniyam 2025 पर सुप्रीम ब्रेक!
वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए अंतरिम आदेश को कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने ‘बड़ी राहत’ बताया है। प्रतापगढ़ी इस मामले के प्रमुख याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इस क़ानून को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी थी। उनका कहना है कि, “सरकार की मंशा पर सुप्रीम कोर्ट ने विराम लगाया है। लाखों लोगों को राहत मिली है जो डर में जी रहे थे कि उनकी ज़मीनें छीनी जाएंगी।” क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने? सुप्रीम कोर्ट ने पूरा कानून रद्द नहीं किया,…
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