उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बनी बायोपिक ‘अजेय’ अब सिनेमाघरों की ओर बढ़ रही है। जहां सेंसर बोर्ड (CBFC) ने इसे रोकने की पूरी कोशिश की, वहीं बॉम्बे हाई कोर्ट ने फिल्म को देखकर “No Objection” वाला ठप्पा लगा दिया। जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने फिल्म को खुद देखा — और निष्कर्ष निकाला:“कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है!” CBFC की आपत्तियाँ: किताब नहीं पढ़ी, फिल्म नहीं देखी — फिर भी विरोध? CBFC ने दावा किया कि फिल्म से योगी आदित्यनाथ की छवि खराब…
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दीदी तेरा कबूतर दीवाना, FIR लगवाएगा हाय राम-कोर्ट का बड़ा फैसला
मुंबई की गलियों में अब सिर्फ लड़कियों को दाना डालना ही नहीं, कबूतरों को दाना डालना भी अपराध बन चुका है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा है – “बस बहुत हुआ, अब हवा में उड़ते प्रेम के दूतों को दाना डालने वाले खुद होंगे FIR के शिकार!” कोर्ट का फैसला: कबूतर प्रेमियों पर लगेगा कानून का डंडा बॉम्बे हाई कोर्ट ने हाल ही में एक सुनवाई के दौरान साफ कहा कि – “पब्लिक प्लेस पर कबूतरों को दाना डालना न सिर्फ सफाई व्यवस्था बिगाड़ता है, बल्कि इससे…
Read More7/11 पलटा पासा! सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 2006 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले पर स्थगन (Stay) लगा दिया है, जिसमें 12 अभियुक्तों को बरी कर दिया गया था। यह कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार की अपील पर की गई, जिसने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार की दलील और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि यह फैसला मकोका जैसे कानून के तहत चल रहे अन्य मामलों पर भी असर डाल सकता है। हालांकि उन्होंने…
Read Moreमुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस: केस ने यू-टर्न लिया, कोर्ट बोली: सब दोषी… नहीं
11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए श्रृंखलाबद्ध धमाकों ने देश को हिला दिया था। 189 लोगों की मौत, 824 से अधिक घायल – और 12 लोगों को मकोका अदालत ने दोषी करार देकर मौत और उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। लेकिन अब, 18 साल बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट ने वही केस पलटते हुए कहा – “दोष साबित नहीं हुए, इसलिए दोषी नहीं रहे।” क्या हुआ था 2006 में? पश्चिम रेलवे की लोकल ट्रेनों में 11 मिनट के अंदर 7 बम धमाके, और वो भी प्रेशर कुकर…
Read Moreमालेगांव ब्लास्ट केस में फैसला टला, एनआईए कोर्ट ने 31 जुलाई तक मांगा समय
मालेगांव 2008 बम धमाका मामले में गुरुवार को फैसला आने की उम्मीद थी, लेकिन एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने मामले में फैसला सुनाने के लिए अब 31 जुलाई 2025 तक का समय मांगा है। क्या कहा साध्वी प्रज्ञा ने? पूर्व बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, जो इस मामले की प्रमुख आरोपियों में से एक हैं, ने कहा: “आज फैसला होना था, ऐसा निश्चित नहीं था। अगली सुनवाई पर फैसला होगा, ये तय है। जज साहब ने कहा कि इसमें एक लाख से ज्यादा पेज हैं। बड़ा केस है, इसमें समय…
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