BBAU में योग महोत्सव की धूम, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में; 21 जून को होगा भव्य आयोजन

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। विश्वविद्यालय में पिछले एक महीने से योग आधारित विभिन्न कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, जागरूकता अभियानों और अभ्यास सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इस पूरे अभियान को विश्वविद्यालय परिवार “योग महोत्सव” के रूप में मना रहा है। कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल के संरक्षण और मार्गदर्शन में योग विभाग तथा योग वेलनेस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में योग दिवस को लेकर व्यापक स्तर पर गतिविधियां संचालित…

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क्रोध, चिंता और झल्लाहट को करो आउट! जानिए क्या है इमोशनल डिटॉक्स

आज के ज़माने में जिंदगी इतनी तेज़ है कि हम अक्सर अपनी भावनाओं की सफाई करना भूल जाते हैं। सोचिए, शरीर तो साफ़-सुथरा रखो, लेकिन मन की गंदगी का क्या? इमोशनल डिटॉक्स यानी भावनात्मक विषहरण आपकी भावनाओं को ऐसे साफ़ करता है जैसे मांझा लगा हो कोई पुरानी जूतों की जोड़ी! पढ़ाई के सपने थे बड़े, पत्नी ने पति को दिया धोखा बड़ा इमोशनल डिटॉक्स क्या है? शरीर का डिटॉक्स तो सुना होगा, पर मन का भी डिटॉक्स होता है। यह प्रक्रिया आपकी नकारात्मक भावनाओं जैसे क्रोध, चिंता, जलन और…

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108 मोतियों वाली माला में छुपा है ब्रह्मांड का रहस्य!

भारत की आध्यात्मिक परंपरा में माला जप को एक अत्यंत शक्तिशाली साधना माना गया है। आपने अक्सर देखा होगा कि साधु-संत, योगी या आपके परिवार के बुज़ुर्ग जपमाला से भगवान का नाम या मंत्रों का जाप करते हैं। लेकिन सवाल यह है कि माला में हमेशा 108 ही दाने क्यों होते हैं? क्या यह सिर्फ परंपरा है या इसके पीछे कोई गहरा वैज्ञानिक और ज्योतिषीय रहस्य छिपा है? भारत में कोविड-19 की वापसी: NB.1.8.1 और LF.7 वेरिएंट्स से सतर्क रहें आइए इस सवाल का उत्तर खोजते हैं — 108 का…

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बुद्ध पूर्णिमा 2025: शांति, करुणा और आत्मज्ञान का पर्व

बुद्ध पूर्णिमा यह वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को पड़ती है और भगवान गौतम बुद्ध की जन्म, ज्ञान प्राप्ति (बोधि), और महापरिनिर्वाण तीनों घटनाओं से जुड़ी हुई है। फाइब्रोमायल्जिया: थकान, दर्द और तनाव से जुड़ी रहस्यमयी बीमारी को समझें बुद्ध पूर्णिमा का महत्व: बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह मानवता, शांति, अहिंसा और करुणा का उत्सव है।भगवान बुद्ध, जिन्होंने सांसारिक जीवन छोड़कर आत्मज्ञान प्राप्त किया, उनका संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है — “अप्प दीपो भव” (स्वयं दीप बनो)। भगवान बुद्ध का जीवन संक्षेप में: आयु…

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