अखिलेश यादव की हिरासत पर गरजे सपाई, बोले—विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र का अपमान…….

उन्नाव। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को उन्नाव में सपाइयों का आक्रोश सड़कों पर दिखाई दिया। बड़ी संख्या में सपा नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने अखिलेश यादव की रिहाई की भी मांग उठाई।


प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए सपा जिलाध्यक्ष जय चन्द्र विमल ने कहा कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल और नागरिक को अपनी बात रखने तथा शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए नेताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इस तरह की कार्रवाई का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जनता की आवाज हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। सरकार को विपक्ष के सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेना चाहिए। उन्होंने अखिलेश यादव सहित हिरासत में लिए गए सभी विपक्षी नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग की।


धरने में सपा की राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने कहा कि दिल्ली में विपक्षी नेताओं द्वारा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी जा रही थी, इसके बावजूद उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं बताया। अन्नू टंडन ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल को अपनी बात रखने तथा शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार देता है। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।


प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने ‘तानाशाही सरकार नहीं चलेगी’ और ‘वोट लुटेरों की सरकार नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। बाद में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर अखिलेश यादव सहित हिरासत में लिए गए विपक्षी नेताओं की रिहाई, उनके मामलों में उचित कार्रवाई तथा संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन कर ज्ञापन देने वालों में मोहम्मद इस्माइल, राम बरन कुरील, राधे लाल रावत, डॉ. आंचल वर्मा, वीरेंद्र शुक्ला, राजेश साधु यादव, राज कुमार लोधी, प्रशांत कटियार, सुरेश पाल, शरीफ खान, जितेंद्र रावत, अंकित सिंह परिहार, मंजीत यादव, राजेश मिश्रा और राज कुमार चौरसिया समेत वरिष्ट समाजवादी नेता व बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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