बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर देने के लिए बिहार युवा आयोग के गठन की मंजूरी का ऐलान किया है। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस पहल को राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना बताया। Sadma 33 साल: Sri Devi और Kamal Hasan की जादुई जोड़ी फिर याद आई! आयोग का स्वरूप और उद्देश्य मुख्यमंत्री के अनुसार, बिहार युवा आयोग में एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष और सात सदस्य होंगे, जिनकी उम्र सीमा 45 वर्ष तक सीमित रहेगी।…
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चिरागवा बोले – पूरा बिहार हमरा चाहीं
243 सीट पर लड़ब… एको सीट कम नइखे मंजूर! बिहार में फिर से सियासी महाभारत शुरू हो गइल बा। एक ओर NDA (बीजेपी, जेडीयू, चिराग के LJP-R) तो दूसरी ओर INDIA गठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई, VIP वगैरह) तइयार बा मैदान में कूदे के। लेकिन असली तड़का तब लागल जब चिराग पासवान एलान क दिहले –“हमनी के पार्टी त अबकी बेर 243 सीट पर लड़ी!” 17 दलों को नींद से जगाया ECI ने! बोले: “या चुनाव लड़ो या बाहर हो जाओ मतलब – पूरे बिहार के एके झटके में “पासवान पावर” से…
Read MoreBJP का P-D चाल, सपा का PDA बेहाल? कुर्सी की जंग में जातीय जादूगर कौन
लोकसभा चुनाव 2024 में 62 से 33 सीट पर फिसलने के बाद बीजेपी अब रणनीति की थाली में जाति का तड़का लगा रही है। समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फॉर्मूले का तोड़ निकालने के लिए अब P-D यानी “पिछड़ा और दलित” समीकरण का तीर कमान पर चढ़ चुका है। थर्मोकोल छोड़ो, अब पैक करो प्रॉफिट – D2C में है दम- स्टार्टअप शुरू करें UP BJP अध्यक्ष की कुर्सी: अब जाति ही सीट बेल्ट है BJP के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अगला अध्यक्ष केवल चेहरा नहीं, बल्कि जातीय संतुलन…
Read Moreनोटों पर गांधी जी: मुस्कान में छिपा ‘करेंसी’ का सिक्योरिटी सिस्टम
भारतीय नोटों पर गांधी जी की मुस्कुराती तस्वीर अब इतनी आम हो गई है कि लगता है जैसे वो हमें रोज़ खर्च करते वक्त आशीर्वाद दे रहे हों – “खर्च करो, लेकिन संयम से बच्चा!” लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि गांधी जी ही क्यों? नेहरू जी की टोपी, बोस की जॉर्जियाई चाल, या कलाम साहब की मुस्कुराहट क्यों नहीं? टेक्सास में तबाही: बारिश आई, जिंदगी बहा ले गई, 27 लड़कियां लापता पहली छपाई: गांधी जी ने नोट पर किया डेब्यू RBI बताता है कि गांधी जी का पहला नोट-प्रवेश…
Read Moreमरे भी वोट डालें और युवा नागरिकता साबित करें? Welcome to Bihar Elections!
बिहार में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) पर सियासत गरमा गई है। एक ओर जहां आयोग वोटर लिस्ट की सफाई में जुटा है, वहीं राजनीतिक दल इसे “राजनीतिक डिटॉक्स या लोकतांत्रिक डिस्टर्बेंस” मान रहे हैं। चिराग पासवान ने इस पर सीधा सवाल उठाया कि “जो मरे हुए हैं, वो वोटर बने हैं, और जो जिंदा हैं, उन्हें साबित करना पड़ेगा कि वो वाकई जिंदा हैं?” “पलटी बहादुर बनाम विचारधारा”: उद्धव के MLA- BJP के Google Meet में? चिराग का कटाक्ष: ‘मृत आत्माओं’ की वोटिंग से परेशान लोकतंत्र चिराग…
Read Moreठाकुर-ब्राह्मण बनाम जनता जनार्दन: सुप्रिया श्रीनेत पर कांग्रेसियों का सीधा वार
कांग्रेस की डिजिटल दुनिया में इस समय कुछ भी ‘ऑर्गेनिक’ नहीं लग रहा है — ना ट्रेंड, ना टीम और ना ही तमाशा। पार्टी की सोशल मीडिया प्रभारी सुप्रिया श्रीनेत पर खुद कांग्रेस इकोसिस्टम के अंदर से ही आवाज़ें उठने लगी हैं। वजह? कथित तौर पर सोशल मीडिया सेल पर “सवर्ण प्रभुत्व” का आरोप और राहुल गांधी की छवि को लेकर सुप्रिया की “निष्क्रियता”। आशीष पटेल का ‘पॉलिटिकल फिटनेस टेस्ट’ फेल- अब हो गए बावले सब कुछ ‘Savarna-टाइप’ क्यों लग रहा है? आंदोलन से उठे कुछ जमीनी नेताओं का आरोप…
Read Moreआशीष पटेल का ‘पॉलिटिकल फिटनेस टेस्ट’ फेल- अब हो गए बावले
राजनीति में अगर सस्पेंस, इमोशन और ड्रामा न हो, तो जनता क्यों देखे?उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) में इन दिनों ऐसा ही सस्पेंस चल रहा है, जैसे चुनावी पिच पर खेला होने वाला हो। देवशयनी एकादशी: जब भगवान विष्णु सो जाते हैं और चातुर्मास शुरू होता है आशीष पटेल को मिला पद, पर नाम नीचे! जब आप किसी पार्टी में कार्यकारी अध्यक्ष से उपाध्यक्ष बना दिए जाएं, वो भी उस पार्टी की अध्यक्ष आपकी पत्नी हों — तो समझिए, मामला घर तक आ गया है!…
Read Moreमसूद अजहर? उफ्फ! मासूम बिलावल भुट्टो को तो खबर ही नहीं
पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के चेयरमैन और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने इंटरव्यू में कहा कि उन्हें नहीं पता मसूद अजहर कहां हैं, और शायद वो अफ़गानिस्तान में हो सकते हैं। हां, बिल्कुल वैसे ही जैसे दूध में नींबू गिर जाए और दूध बोले: “मुझे क्या पता मैं खट्टा कब हुआ?” बिलावल की यह मासूमियत ऐसे समय पर आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर भरोसे की दीवार वैसे ही हिल रही है जैसे कराची में बिजली का तार। कुमकुम आदर्श नहीं रहीं – कथक…
Read Moreठाकरे मिलन या सत्ता वियोग?” — फडणवीस बोले: ये रैली नहीं, रुदाली थी
मुंबई की सड़कों पर जैसे ही “विजय रैली” की आवाज गूंजी, लोगों ने सोचा शायद ये मराठी अस्मिता का उत्सव होगा। लेकिन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने तुरंत ही रैली को एक नया नाम दे दिया — “रुदाली सभा”। राबड़ी आईं, NDA पर चोट बाज़ी; लालू लौटल अध्यक्ष, रहीं राजनीति में तूफानी! फडणवीस का सटायरिक हमला फडणवीस ने कहा, “मैं राज ठाकरे को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने दोनों भाइयों को एक कर दिया — जो काम बालासाहेब ठाकरे नहीं कर सके, वो कर दिखाया!” मगर साथ ही तंज कसते हुए…
Read Moreराबड़ी आईं, NDA पर चोट बाज़ी; लालू लौटल अध्यक्ष, रहीं राजनीति में तूफानी!
पटना के बापू सभागार में जब राबड़ी देवी मंच पर चढ़लीं, त जनता ताली पीट-पीट के सभागार हिला दिहलस। राबड़ी जी कहलीं, “ई बेरोज़गारी के समस्या नया ना ह, बाकिर सरकार 20 साल से मूँह में पान दबा के बैठल बा!” बोललीं कि जब हमनी के सरकार रहे, त कारखाना लागल, सड़क बनल, और गरीबो के थाली में तरकारी चढ़ल। अब का हो रहल बा? सोशल मीडिया पर विज्ञापन, और ज़मीनी स्तर पर गड्ढा! अखिलेश यादव का लखीमपुर दौरा: तेंदुए के हमले पर पीड़ित से मुलाकात “काम भईल होत, त…
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