भारत की राजनीति में अक्सर यह कहा जाता है कि “देश के नेता भुट्टे की फसल जैसे होते हैं।” यह बयान जितना मजेदार लगता है, उतना ही गहरा अर्थ भी रखता है। भुट्टे के चमकदार दाने जैसे दिखने वाले नेता, जब जनता से वोट मांगते हैं, तो लोग उनकी चमक-दमक और वायदों के पीछे का सच देख नहीं पाते। लेकिन जैसे ही चुनावी दौर खत्म होता है और सरकारें बनती हैं, जनता को अंदर की खालीपन का एहसास होता है। राजनीति में क्या है भुट्टे जैसा फर्क? भुट्टे के दाने…
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मिशन ‘सच्ची ख़बरें’: Welcome to अमेरिका की सरकारी डाइट प्लान
यूएस एजेंसी फॉर ग्लोबल मीडिया (USAGM) ने अपनी फाइलों में से 532 सरकारी पदों को रद्द कर दिया है। ये फ़ैसला सीधे राष्ट्रपति के उस आदेश के बाद आया है जिसमें कहा गया था – “सरकार चले फिटनेस पर, न कि फालतू खर्चों पर!” कैरी लेक: एजेंसी की नई जिम ट्रेनर? एजेंसी की वरिष्ठ सलाहकार कैरी लेक ने इस छंटनी को एक ज़रूरी ‘वजन घटाने की प्रक्रिया’ बताया। उन्होंने कहा, “ये एजेंसी टूटी-फूटी है, अब हम इसे हाई-परफॉर्मेंस मशीन बनाएंगे।” यानी कुछ वैसे ही जैसे जिम ट्रेनर कहते हैं –…
Read Moreसीएम के नीचे दो-दो लेकिन पीएम अकेले? चार डिप्टी पीएम बनाओ मोदी जी!
देश के हर राज्य में जातीय संतुलन और “पॉलिटिकल रिमोट कंट्रोल” की तकनीक के चलते डबल डिप्टी सीएम मॉडल अपनाया जा चुका है। यूपी से लेकर महाराष्ट्र — जहाँ देखो वहां दो-दो उप मुख्यमंत्री बैठाए जा रहे हैं। लेकिन जब बात आती है प्रधानमंत्री की कुर्सी की, तो सवाल ये उठता है… “मोदी जी के सिर पर कोई नहीं? उप प्रधानमंत्री भी नहीं? ये कैसा वन मैन शो है?” चार दिशाएं, चार डिप्टी पीएम — है ना स्वाभाविक आइडिया? अब सोचिए, अगर एक राज्य संभालने के लिए दो उप मुख्यमंत्री…
Read More“मोदी जी रिटायर होंगे… सपना मत देखो!”-“ऐसा कुछ प्लान ही नहीं है!”
देश की राजनीति में रिटायरमेंट एक concept है, लेकिन पीएम मोदी के केस में ये mythology जैसा लगता है। जहाँ दूसरे नेता 75 के बाद योगा और गोवा प्लान बनाते हैं, वहीं मोदी जी का सिर्फ एक प्लान है – “जब तक NDA जीतेगा, तब तक PM की कुर्सी मेरी है!” 2024 से 2029 तक – रोड टू ‘मोदी 4.0’? लोगों को उम्मीद थी कि शायद 2024 के बाद मोदी जी थोड़ा ‘हिमालय ट्रेकिंग’ या ‘वनवास मोड’ में चले जाएँ, लेकिन साहब ने तो क्लियर कर दिया – “न खुद…
Read Moreसंजय निषाद- “ब्लैक कॉफी, बकलावा और सुलह
उत्तर प्रदेश के मत्स्य मंत्री और निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने एक बार फिर राजनीति के पानी में हलचल मचा दी। बोले: “अगर दिक्कत है तो बीजेपी हमसे अलग हो सकती है!” इतनी सधी हुई तल्ख़ी बहुत कम देखने को मिलती है। शब्द भी मीठे, वार भी तीखा। राजनीति के इस व्यंजन में अब नया फ्लेवर जुड़ चुका था — ब्लैक कॉफी और बकलावा का! ‘धोतीधारी’ डैमेज कंट्रोल में जैसे ही संजय की आवाज़ सत्ता की दीवारों से टकराई, ‘धोतीधारी’ ब्रजेश पाठक (उपमुख्यमंत्री और संकटमोचक) तुरंत एक्टिव हो…
Read More“स्प्राइट नहीं, शिकंजी बनाओ!” — मोहन भागवत का Made in India मंत्र
जब अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 50% टैरिफ ठोंक दिया, तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारतीयों को विदेश छोड़, “शिकंजी” अपनाने का मंत्र दे डाला। RSS के 100 साल पूरे होने पर विज्ञान भवन में उन्होंने दो टूक कहा – “आत्मनिर्भर बनना है तो कोका कोला छोड़ो और नींबू पानी अपनाओ।” कोका कोला का क्या काम जब नींबू, चीनी और नमक पास में हो? भागवत बोले – “गर्मी में शिकंजी बनाकर पी सकते हो, तो स्प्राइट और थम्सअप क्यों लाना? स्वदेशी सिर्फ…
Read Moreजेल से जंग: इमरान का तंज, “तानाशाही का नाम आसिम मुनीर है!”
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और अब फुल टाइम कैदी, इमरान ख़ान ने बुधवार को सेना प्रमुख फ़ील्ड मार्शल (?) आसिम मुनीर पर सोशल मीडिया के ज़रिए एक फुल-पावर डिजिटल हमला किया। उनका कहना है कि – “मुनीर सत्ता के भूखे हैं और पाकिस्तान में सबसे घटिया किस्म की तानाशाही चला रहे हैं। उन्हें न नैतिकता आती है, न इस्लाम समझ आता है।” …और हम सोचते थे पाकिस्तान में सिर्फ इंटरनेट कमजोर है, तानाशाही नहीं! 9 मई दंगों का CCTV भी चोरी हुआ? इमरान ख़ान का अगला आरोप ऐसा था कि…
Read More“दामाद बनना चाहता था गुंडा!” जब पप्पू ने मांगा मीसा का हाथ
बिहार की राजनीति में नाम और विवादों के पर्याय बने राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव का एक दिलचस्प किस्सा फिर सुर्खियों में है। संकर्षण ठाकुर की चर्चित किताब ‘बंधु बिहारी’ में खुलासा किया गया कि पप्पू यादव ने लालू यादव की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती से शादी की इच्छा जताई थी। यह प्रस्ताव लालू को इतना नागवार गुज़रा कि उन्होंने पप्पू से नाता ही तोड़ लिया। सत्ता में उपयोगी एक “दबंग” तो चल सकता है, लेकिन “दामाद”? नहीं! किताब ने खोली पप्पू-लालू रिश्ते की परतें 1990 के दशक में…
Read Moreतेल चाहिए तो सिर पर ढक्कन लगाओ! यूपी में लौटा ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ रूल
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बार फिर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट की अहमियत समझाने के लिए एक खास मुहिम शुरू की है।1 से 30 सितम्बर 2025 तक पूरे प्रदेश में ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल’ अभियान चलेगा—यानि बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं! कब और कैसे चलेगा अभियान? सरकार के आदेशों के मुताबिक़, यह अभियान जिलाधिकारी की अगुवाई में DRSC (District Road Safety Committee) की निगरानी में चलेगा।पुलिस, राजस्व और परिवहन विभाग मिलकर इस अभियान को ज़मीनी स्तर पर लागू करेंगे। हेलमेट नहीं? तो बाइक भी नहीं चलेगी। पेट्रोल पंप…
Read Moreट्रंप के 50% टैरिफ़ के बीच भारत का आत्मनिर्भर विश्वास और आर्थिक मजबूती
जब अमेरिका ने ऐलान किया कि भारत पर 27 अगस्त 2025 से 50% टैरिफ लगेगा, तो कई फैक्ट्रियों में “अब तनख्वाह कैसे दूँ?” वाले सीन शुरू हो गए। लेकिन मोदी जी, गुजरात की धरती से, सीना ठोककर बोले – “हम झटके झेल लेंगे, स्वदेशी हमारा कवच है!” अब ज़रा देखिए, कैसे आत्मनिर्भर भारत इस ताज़ा झटके का ‘स्वदेशी झप्पड़’ से स्वागत कर रहा है: 1. आउटलुक में सुधार: विदेशी निवेशकों को ‘विश्वास का बूस्टर डोज़’ रेटिंग एजेंसी S&P ने 18 साल बाद भारत की रेटिंग अपग्रेड कर दी है। फिच…
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